बैतूल (मध्यप्रदेश), 10 अप्रैल (भाषा) प्रयागराज कुंभ में प्रसिद्धि हासिल करने वाली मोनालिसा भोंसले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच में नाबालिग पाया गया है, जिसके बाद उसकी उम्र को लेकर उठा विवाद और गहरा गया है।
इस खुलासे के सामने आने के बाद घुमंतू पारधी समुदाय के लोगों ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के नाम ज्ञापन सौंपकर मोनालिसा का विवाह ‘अमान्य’ करने की मांग की।
मोनालिसा ने मार्च में केरल के तिरुवनंतपुरम में फरमान खान से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। इसके बाद मोनालिसा के परिजनों ने इस विवाह को ‘लव-जिहाद’ का नाम दिया था और दावा किया था कि वह नाबालिग है।
आयोग द्वारा गठित जांच समिति के निष्कर्षों का हवाला देते हुए स्थानीय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले महीने केरल में मोनालिसा की अंतरधार्मिक शादी ‘लव जिहाद’ का मामला था और इसमें कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एनसीएसटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा आयोग की जांच में पाया गया है कि लड़की नाबालिग है और उसके जन्म प्रमाण पत्र की प्रति वास्तविक है।
आयोग की ओर से आगे की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चूंकि मामला अदालत में है, इसलिए वह इससे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते।
आयोग ने 17 मार्च को उत्तर प्रदेश के निवासी प्रथम दुबे से शिकायत मिलने के बाद एक जांच समिति का गठन किया था। समिति को जांच करनी थी कि वह नाबालिग है कि नहीं और साथ ही यह भी कि कहीं उसका शोषण तो नहीं किया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर महेश्वर में मोनालिसा के पति के खिलाफ कथित अपहरण और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महेश्वर से भाजपा विधायक राजकुमार मेव और भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि केरल में उनकी शादी ‘लव जिहाद’ का मामला है और मोनालिसा को घर वापस लाया जाना चाहिए।
‘लव जिहाद’ एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन हिंदू महिलाओं को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए मुस्लिम पुरुषों द्वारा शादी के लिए लुभाने की साजिश रचने के लिए करते हैं।
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने भी आरोप लगाया कि यह ‘लव जिहाद’ है।
मोनालिसा के परिवार के सदस्यों और शिकायतकर्ता दुबे ने कहा कि आयोग द्वारा की गई जांच के अनुसार, महेश्वर सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर, 2009 है और इसका मतलब है कि शादी के समय उसकी उम्र 16 साल और दो महीने थी।
लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि आयोग के निष्कर्षों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (2) (अभिभावक की कानूनी हिरासत से नाबालिग को उनकी सहमति के बिना ले जाना) के तहत एक अलग मामला भी दर्ज किया गया था।
भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
