औरंगाबाद, छह जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता केशव उपाध्याय ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कुछ मंत्रियों को शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि भाजपा ने उनके खिलाफ एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच में उनसे ‘समझौता’ कर लिया है या उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी है।
अजित पवार और उनके आठ सहयोगी दो जुलाई को एकनाथ शिंदे नीत महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए थे। अजित पवार को जहां उपमुख्यमंत्री बनाया गया, वहीं अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
शिंदे सरकार में शामिल हुए राकांपा के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये हैं और वर्तमान में केंद्रीय जांच एजेंसियां उनकी जांच कर रही है।
उपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और वे अपना काम करती हैं। (इन मामलों में) जो होना है वह होगा। भाजपा ने अपनी न्यायिक प्रक्रियाओं से कोई समझौता नहीं किया है। किसी को क्लीन चिट देना हमारा काम नहीं है, इसका अधिकार केवल अदालत को है।’
भाजपा प्रवक्ता उपाध्याय ने कहा कि अगर कोई विकास के मुद्दे पर भाजपा के साथ जुड़ रहा है तो यह ‘अच्छा’ है।
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