(सुदिप्तो चौधरी)
कोलकाता, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार को कहा कि ‘हिंसा और भ्रष्टाचार से मुक्त विकसित बंगाल’ का उनका सपना अधूरा रह गया।
बोस ने पिछले सप्ताह अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता है और यह थोड़े समय में हासिल नहीं किया जा सकता।
बोस ने राज्य छोड़ने से पहले ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हमेशा ‘संविधान की लक्ष्मण रेखा’ के भीतर काम करने का प्रयास किया जबकि उन्होंने अपने राज्यपाल के तौर पर प्रदर्शन को ‘दस में से केवल दो’ अंक दिए।
उन्होंने कहा, “मेरी प्राथमिकता हिंसा मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित बंगाल थी। मैं सभी हितधारकों, विशेष रूप से जनता के सहयोग से इसके लिए काम कर रहा था।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लक्ष्य हासिल हो गया है, तो बोस ने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य के ऐतिहासिक संदर्भ पर आधारित एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा, “यह इस भूमि के इतिहास से जुड़ा मामला है। हम इसे महीनों में हल नहीं कर सकते। इसके लिए सभी हितधारकों द्वारा निरंतर धैर्य और सहनशीलता का अभ्यास आवश्यक है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसलिए मैं तीन साल की इस छोटी अवधि में शत प्रतिशत सफलता का दावा नहीं कर सकता।”
राज्यपाल ने अपने कार्यकाल पर विचार करते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक सीमाओं का कड़ाई से पालन करते हुए निर्वाचित सरकार के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, “बंगाल के राज्यपाल के रूप में, मैंने भारत के संविधान की सीमाओं के भीतर और लोकतंत्र व बंगाल की जनता के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करने का प्रयास किया। ”
बोस ने कहा, “मेरे अनुसार, राज्यपाल के रूप में मेरे प्रशासन की विशेषता मेरे स्वभाव के मूलभूत तत्व हैं, जो बीच का रास्ता निकालने की ओर झुकाव रखते हैं। मैंने भारत के संविधान द्वारा खींची गई लक्ष्मण रेखा के भीतर रहने का प्रयास किया। मैंने दूसरों को भी अपनी लक्ष्मण रेखा पार नहीं करने दी।”
पूर्व आईएएस अधिकारी ने अप्रैल में बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पांच मार्च को अचानक इस्तीफा दे दिया था।
उनके स्थान पर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और पूर्व उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आरएन रवि राज्यपाल बनेंगे।
रवि बृहस्पतिवार को राज्य के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे।
भाषा जितेंद्र नरेश
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