मुंबई, 15 मार्च (भाषा) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने रविवार को कहा कि अवैध और “वीआईपी संस्कृति” को बढ़ावा देने के आरोपों को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर मुंबई की महापौर रितु तावड़े के आधिकारिक वाहन से लाल-नीली बत्तियां हटा दी गई हैं।
एक बयान में, बीएमसी ने कहा कि महानगरपालिका के पदाधिकारियों को आवंटित वाहनों से भी इसी तरह की बत्तियां हटा दी गई हैं।
पिछले महीने मुंबई की महापौर का पदभार संभालने के बाद तावड़े 44 वर्षों में इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाली दूसरी भाजपा पार्षद बन गई। उनको उपलब्ध कराये गए एक बहुउद्देशीय वाहन (एमपीवी) में लाल और नीली बत्तियां लगी थीं।
बयान के अनुसार, बीएमसी ने यह कार्रवाई तब की जब प्रशासन के संज्ञान में आया कि उसके कुछ वाहनों में बत्तियां लगी हुई हैं। बयान में तावड़े की बत्ती लगी आधिकारिक कार की एक तस्वीर भी साझा की गई।
बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि महापौर की गाड़ी पर लगी नीली-लाल चमकने वाली बत्तियां, जो आमतौर पर पुलिस और अन्य आपातकालीन वाहनों में लगी होती हैं, इस सप्ताह की शुरुआत में हटा दी गईं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा सवाल उठाए जाने के एक दिन बाद की गई।
एक उपयोगकर्ता ने 11 मार्च को एक पोस्ट के माध्यम से पूछा, “क्या मुंबई महापौर की गाड़ी पर लाल और नीली बत्तियों के इस्तेमाल का लाइसेंस पुलिस के पास है?”
कई अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी इस पर अपनी राय देते हुए बत्तियों के इस्तेमाल की आलोचना की।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने दावा किया कि महापौर के आधिकारिक और साथ चल रहे वाहनों पर “लाल और पीली बत्तियों का अनाधिकृत इस्तेमाल” किया जा रहा है।
गलगाली ने कहा कि केंद्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसी बत्तियों का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है और केवल विशिष्ट आपातकालीन सेवाओं के लिए ही इसकी अनुमति है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
विपक्ष ने तावड़े पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीएमसी में भाजपा के सत्ता में आने के बाद ‘वीआईपी संस्कृति’ फिर से पनप गई है।
विपक्ष की नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने तंज कसते हुए कहा, “क्या आप लाल बत्ती के मोह का विरोध नहीं कर सकीं?”
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जांच में पाया गया कि लाल बत्ती वाहन की छत पर नहीं बल्कि बोनट पर लगी थी और महापौर रितु तावड़े को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
फडणवीस ने कहा, “इसमें महापौर की कोई गलती नहीं है। यह हमारा पहले से ही लिया गया फैसला है कि राज्य में कोई भी लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं करेगा। महापौर को भी इसकी जानकारी है। उन्हें बिना किसी कारण के निशाना बनाया जा रहा है।”
भाषा राखी प्रशांत
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