मुंबई, 23 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित औषधि निरीक्षक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को एक सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) को गिरफ्तार किया जिससे इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दिन में गिरफ्तार किए गए एमपीएससी के एएसओ रोहित कोलतक्के ने पहले गिरफ्तार किए जा चुके आयोग के अवर सचिव अभिजीत लेंड़वे से कथित तौर पर गोपनीय प्रश्नपत्र हासिल किए थे।
अधिकारी ने कहा कि इससे पहले, उम्मीदवारों को अवैध तरीके से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में मदद करने के आरोपी बिचौलिए मयूर ठाकरे को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला 22 मार्च को एमपीएससी द्वारा राज्यभर के छह केंद्रों पर आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा से जुड़ा है। यह परीक्षा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के तहत ‘औषधि निरीक्षक, समूह-बी’ के 154 पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी।
अधिकारी ने बताया कि बाद की जांच में पता चला कि प्रश्नपत्रों के सेट एमपीएससी के ‘गोपनीय अनुभाग’ से अवैध रूप से निकाले गए थे और वित्तीय लाभ के लिए उनका आदान-प्रदान किया गया था। इससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
लेंड़वे, कोलतक्के और ठाकरे के अलावा गिरफ्तार किए गए लोगों में एएसओ विश्वेश्वर नकाटे और गोपाल मराठे, कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण पाटिल, बिचौलिये अमृत पाटिल, लोकेश उर्फ गौरव पाटिल, संदीप खलाते और भैरवनाथ कदम तथा परीक्षा के उम्मीदवार रुतुजा पाटिल, साजिद सांडे और विजय किंजर शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच जारी है। जांचकर्ता अन्य वित्तीय लेनदेन का पता लगाने, संभावित रूप से लाभ पाने वाले अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह की गतिविधियों का दायरा निर्धारित करने में जुटे हैं।
भाषा
राखी संतोष
संतोष
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