इंदौर (मध्यप्रदेश), 27 फरवरी (भाषा) इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष की एक छात्रा को अन्य छात्राओं के सामने ‘‘आपत्तिजनक गतिविधियों’’ में शामिल होने के आरोप में छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने संवाददाताओं से कहा, ‘विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहने वाली प्रथम वर्ष की एक छात्रा के खिलाफ उसके साथ कमरे में रहने वाली एक अन्य छात्रा ने शिकायत की थी कि वह कमरे में आपत्तिजनक वस्तुओं का इस्तेमाल करती है और वीडियो कॉल के दौरान ऐसी गतिविधियां करती है जो नैतिक रूप से कतई स्वीकार्य नहीं हैं।’’
उन्होंने बताया कि छात्रावास में रहने वाली चार और छात्राओं ने भी इस छात्रा के खिलाफ इस तरह की शिकायतें कीं।
सिंघई ने कहा, ‘‘शिकायतों में यह बात भी शामिल है कि छात्रा छात्रावास की अन्य लड़कियों को एक मोबाइल ऐप के जरिये पुरुष मित्र बनाने के लिए दुष्प्रेरित करती थी।’’
उन्होंने बताया कि शिकायतों की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने समिति गठित की और तलाशी के दौरान छात्रावास वॉर्डन को इस छात्रा के कमरे से कथित तौर पर आपत्तिजनक सामान मिला।
कुलगुरु ने कहा, ‘‘जांच के बाद हमने पाया कि इस छात्रा के छात्रावास में रहने के कारण अन्य लड़कियों के लिए गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। इस कारण छात्रा को छात्रावास से तत्काल निष्कासित करने का फैसला किया गया।’’
राज्य सरकार के 1964 में स्थापित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पश्चिमी मध्यप्रदेश के करीब 200 महाविद्यालय जुड़े हैं।
भाषा हर्ष सिम्मी
सिम्मी
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