इंदौर, 24 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में 30 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के आरोप में एक चिकित्सक की गिरफ्तारी के बाद उसके घर में कथित तौर पर तोड़-फोड़ और आगजनी के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी ने बताया कि बड़गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए महिला ने आरोप लगाया है कि वह पेट दर्द की शिकायत पर तीन-चार महीने पहले स्थानीय चिकित्सक शाहिद उर्फ सईद खान के क्लीनिक में गई थी जिसने एक इंजेक्शन लगाकर उससे कथित तौर पर दुष्कर्म किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
उन्होंने बताया कि महिला का आरोप है कि इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर चिकित्सक उसे परेशान कर रहा था और आरोपी ने उसे पातालपानी क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में बुलाकर उससे कथित तौर फिर दुष्कर्म किया।
चौधरी ने बताया कि महिला की शिकायत पर खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के संबद्ध प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है।
डीएसपी ने बताया, ‘‘आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों के एक समूह ने उसके घर में घुसकर तोड़-फोड़ की और दरवाजे व मोटरसाइकिल में आग लगा दी।’’
उन्होंने बताया कि इस घटना के सिलसिले में खान के एक परिजन की शिकायत पर महू पुलिस थाने में संबद्ध प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने बताया कि महिला से दुष्कर्म के आरोपी इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सक के घर तोड़-फोड़ और आगजनी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस बीच, दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के एक समूह ने पुलिस की इस कार्रवाई पर विरोध जताते हुए चिकित्सक के घर में कथित तोड़-फोड़ और आगजनी को लेकर दर्ज प्राथमिकी को ‘झूठा’ करार दिया है। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर किशनगंज क्षेत्र में सोमवार को चक्काजाम भी किया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राम दांगी ने दावा किया कि दुष्कर्म के आरोपी के परिवार के लोगों ने तोड़-फोड़ और आगजनी की कहानी गढ़कर ग्रामीणों के खिलाफ साजिशन झूठा मामला दर्ज कराया है।
उन्होंने मांग की कि यह मामला दर्ज करने वाले पुलिस अफसरों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
भाषा हर्ष खारी
खारी
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