खरगोन/शाजापुर, 30 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को खरगोन जिले के कटरगांव में गेहूं खरीद केंद्र का औचक दौरा किया और किसानों के साथ बातचीत के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले कहा था कि वह आने वाले दिनों में इस तरह का दौरा करेंगे।
उन्होंने बताया, “नर्मदा नदी के तट पर महेश्वर कस्बे में रात बिताने के बाद उन्होंने (मुख्यमंत्री यादव ने) आज (बृहस्पतिवार) सुबह कटरगांव में खरीद केंद्र का औचक दौरा किया। यात्रा के दौरान उन्होंने खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। उन्होंने केंद्र से जुड़े लोगों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।”
अधिकारी ने बताया कि किसान अब जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों को अपने गेहूं का वजन कराने के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए खरीद केंद्रों पर तराजू की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि खरीद केंद्रों पर बोरी, तौल तराजू, कुली, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, पंखे, छलनी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया, “सरकार ने कम गुणवत्ता वाले गेहूं की सीमा भी बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। सूखे अनाज की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। किसानों से खरीदे गए खराब अनाज की सीमा भी बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दी गई है। अब तक 9.83 लाख किसानों ने राज्य में समर्थन मूल्य पर 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए हैं।”
अधिकारी ने बताया कि अब तक राज्य में 5.8 लाख से अधिक किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। अधिकारी ने बताया कि इस साल (पश्चिम एशिया) युद्ध की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने किसानों के हित में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि यादव ने शाजापुर जिले के मकोड़ी गांव में गेहूं खरीद केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र
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