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Friday, 10 April, 2026
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मप्र विधानसभा: लाड़ली बहना योजना पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस का बहिर्गमन

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भोपाल, 23 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस विधायकों ने लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन शुरू करने की समय सीमा तय न किए जाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार से पूछा कि लाड़ली बहना योजना के लिए नए पंजीयन कब शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पंजीयन बंद रहने के कारण 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाएं योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। परमार ने यह भी मुद्दा उठाया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को योजना से बाहर रखा गया है।

लाड़ली बहना योजना भाजपा सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की थी, जिसके तहत प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की सहायता दी जा रही है।

परमार ने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले सरकार ने सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने के लिए सहायता राशि 3,000 रुपये करने की घोषणा की थी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने जवाब में बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक कुल 1,31,06,525 महिलाओं ने पंजीयन कराया है, जिनमें से वर्तमान में 1,25,29,051 महिलाएं लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि पंजीयन के बाद आवेदनों की जांच की जाती है और फिलहाल नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

मंत्री ने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को पेंशन जैसी अन्य योजनाओं के तहत लाभ दिया जा रहा है।

परमार ने नए पंजीयन शुरू करने की तारीख स्पष्ट करने की मांग दोहराई, जिसका समर्थन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी किया। उन्होंने भी नई पात्र महिलाओं के लिए पंजीयन खोलने की तारीख तय करने की मांग की।

इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि योजना के तहत सहायता राशि 2028 में बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में लाभार्थियों को 1,000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में दो चरणों में 250-250 रुपये बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह किया गया।

हालांकि, जब सिंघार ने फिर से नए पंजीयन की तारीख को लेकर सीधा जवाब मांगा और सरकार की ओर से स्पष्ट उत्तर नहीं मिला, तो कांग्रेस विधायकों ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर दिया।

भाषा दिमो मनीषा रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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