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Thursday, 18 July, 2024
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ऑक्सीजन संकट से मौत पर मोदी सरकार ने संसद में बेशर्मी से झूठ बोला, हिम्मत हो तो जांच का मौका दे: सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि 13 अप्रैल को केंद्र ने ऑक्सीजन डिस्ट्रब्यूशन की नीति बदली जिससे पूरे देश में ऑक्सीजन का डिजास्टर खड़ा हुआ.

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नई दिल्ली: मोदी सरकार का मंगलवार को संसद में यह कहना कि ऑक्सीजन संकट से देश में कोई मौत नहीं हुई, विपक्ष इसको लेकर जमकर मोदी सरकार की खिंचाई कर रहा है. बुधवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर संसद में सफेद झूठ बोलने का आरोप लगाया.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कल संसद में जब ऑक्सीजन संकट से हुई मौत को लेकर सवाल उठा तो केंद्र सरकार ने संसद में बहुत ही बेशर्मी से सफेद झूठ बोला कि पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है. जबकि कोविड की दूसरी लहर में पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा था. हॉस्पिटल की तरफ से, डॉक्टर्स की तरफ से, पेशेंट की तरफ से, मरीजों के परिवारों की तरफ से बहुत त्राहि-त्राहि मची हुई थी. अप्रैल और मई के पहले सप्ताह के दौरान सबको पता है देश के क्या हाल थे, ऑक्सीजन का संकट देश में था.

सिसोदिया ने कहा कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में 15 अप्रैल से 5-10 मई के बीच में जो देश के हालात थे उसमें ऑक्सीजन का मिस मैनेजमेंट केंद्र सरकार की ओर से किया गया था. इससे देश के हॉस्पिटल्स में त्राहि-त्राहि मची हुई थी, उस दौरान बहुत सारी जानें पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से गई थीं.

आप नेता ने कहा कि दिल्ली में वह ऑक्सीजन का मैनेजमेंट खुद देख रहे थे. वह जानते हैं कि किस तरह से वाट्सऐप अस्पतालों के चीफ के, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के, डॉक्टर्स के, अटेंडेंस के, परिवारों के मैसेज भरा हुआ था. सब ऑक्सीजन मांग रहे थे, परेशान थे.

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में वह खुद खड़े होकर ऑक्सीजन का डिस्ट्रब्यूशन देख रहे थे और केंद्र ऑक्सीजन का डिजास्टर खड़ा किया इस देश में. 13 अप्रैल को केंद्र ने ऑक्सीजन डिस्ट्रब्यूशन की नीतियां बदलीं जिससे पूरे देश में ऑक्सीजन का डिजास्टर खड़ा हुआ. वो बंद कमरे में बनाई गई ऑक्सीजन डिस्ट्रब्यूशन की नीति थी जिससे कि पूरा का पूरा ऑक्सीजन सिस्टम चौपट हो गया.


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सिसोदिया ने कहा कि ये जिम्मेदारी मोदी सरकार को अपने सिर पर लेनी पड़ेगी और लोग जानते हैं कि केंद्र सरकार ने ऐसे हालात पैदा किए थे.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन कल जिस बेशर्मी से केंद्र सरकार ने संसद में झूठ बोला और आज उस बेशर्मी को अंडरलाइन करने के लिए भारतीय जनता पार्ट के एक प्रवक्ता, नेता संबित पात्रा आए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, जैसा की उनकी और बीजेपी नेताओं की आदत है किसी चीज की जिम्मेदारी लेने के बजाय केजरीवाल, ममता नॉन बीजेपी स्टेट के मुख्यमंत्रियों को गाली देना शुरू कर देते हैं. आज भी वही किया, जिम्मेदारी नहीं ली.

सिसोदिया ने कहा वे अगर केजरीवाल को गाली देंगे तो उससे उनके पाप थोड़ी छिप जाएंगे. सारा देश जानता हैं. आज के सौ साल बाद भी इसकी चर्चा होगी कि जब पूरी दुनिया महामारी से जूझ रही थी तब केंद्र सरकार ने अपनी मूर्खतापूर्ण नीतियों से लोगों को बीमारी के मुंह में ढकेल चुकी थी. 13 अप्रैल से जो नीतियां बनीं ऑक्सीजन डिस्ट्रब्यूशन की उसने पूरे देश में त्राहि-त्राहि मचाई.

और जब दिल्ली सरकार ने जिम्मेदारी लेते हुए कि हां ऑक्सीजन से मौत हुई लगती हैं तो हमें इस बात की जांच करनी चाहिए और जिस मरीज की ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई हो उसे वह 5 लाख रुपये का मुआवजा देगी और जिम्मेदारी लेगी और जिम्मेदारी फिक्स भी करेगी, तो केंद्र सरकार पीछे हट गई, बल्कि अरविंद केजरीवाल के इस काम में रोड़े अटकाने लगी. सच सामने लाने की हिम्मत हो हमें जांच करने का मौका दे.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह एक कमेटी बना रहे हैं जो एक-एक मौत की जांच करेगी, ऑक्सीजन की कमी से मौत के आरोपों की जांच करेगी और कहां, किसकी गलती की वजह से ऑक्सीजन की कमी हुई.

तब केंद्र सरकार को लगा इसमें तो उसकी जिम्मेदारी तय हो जाएगी और उसने जो मिस मैनेजमेंट किया है वह डिजास्टर साबित हो जाएगा. तो केद्र सरकार ने कमेटी नहीं बनाने दिया, उन्होंने एलजी से उसको रुकवा दिया.

सिसोदिया ने कहा कि उसी समय लगभग आज से एक महीना पहले वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बोले थे कि केंद्र सरकार ऑक्सीजन से हुई मौतों को छुपाना चाहती है और आज ये लोग वही कर रहे हैं. देश की संसद में खड़े होकर साफ झूठ बोल रहे हैं. अगर हिम्मत है, और सच पर पर्दा डालने की नहीं कोशिश कर रहे हैं, और अगर आप चाहते हैं कि ऑक्सीजन से हुई मौत की सही मायने में जांच हो और जिम्मेदारी तय हो तो जो कमेटी बना रही थी राज्य सरकार उसको बनाने दीजिए. हम जांच कराएंगे. वह कमेटी इंडेपेंडेंट जांच करेगी.

सिसोदिया ने सवाल किया, ‘मोदी जी डर क्यों रहे हैं. मोदी जी झूठ क्यों बोल रहे हैं संसद मेंं, जब देश में लोग तड़प रहे थे, उनके परिवार तड़प रहे थे तो मोदी जी को वह दिखाई नहीं दे रहा था. सवाल उठता है कि झूठ बोलने के लिए आपका दिल कैसे करता है.’

सिसोदिया ने इस सवाल पर कहा कि दिल्ली सरकार की समिति ने हाईकोर्ट में कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत के सबूत नही है तो सिसोदिया ने कहा उसी समिति ने कोर्ट से कहा उसकी कमेट जांच करना चाहती है, जिसे रोक दिया गया.

 

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