नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) कांग्रेस ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके ब्योरे को लेकर अभी भी काम किया जा रहा है और यह मोदी सरकार के ‘पहले घोषणा करें, उसके बाद सोचें’ वाले रवैये का एक सटीक उदाहरण है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया कि पिछले साल दिसंबर में संसद द्वारा पारित किये गये कानून को लागू करने से पहले कई कदम उठाने होंगे।
नया ग्रामीण रोजगार कानून कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की प्रमुख योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) की जगह लाया गया है।
रमेश ने कहा, ‘‘दिसंबर, 2025 में, केवल दो दिनों में मोदी सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा के माध्यम से मनरेगा को रद्द कर दिया। राज्यों के साथ कोई परामर्श नहीं किया गया। संबंधित स्थायी समिति द्वारा कोई विधायी जांच नहीं की गई।’’
उन्होंने कहा कि जो विचार-विमर्श पहले होना चाहिए था, वह अब हो रहा है और विवरण पर अभी भी काम किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कटाक्ष किया, ‘‘शासन के प्रति मोदी सरकार के इस दृष्टिकोण का एक आदर्श उदाहरण कि पहले घोषणा करें, बाद में सोचें।’’
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दिलीप
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