scorecardresearch
Monday, 23 February, 2026
होमदेश‘वोट मशीन की तरह इस्तेमाल करके अल्पसंख्यकों को किया जाता है दरकिनार’: फडणवीस

‘वोट मशीन की तरह इस्तेमाल करके अल्पसंख्यकों को किया जाता है दरकिनार’: फडणवीस

Text Size:

(प्रमोद शर्मा)

मुंबई, 14 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि अल्पसंख्यक जानते हैं कि उन्हें ‘वोट मशीन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और फिर उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है’। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ‘वोट जिहाद’ का नारा अब उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ काम नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां नगर निकाय चुनावों की पूर्व संध्या पर आईं।

फडणवीस ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन को कोई खास तव्वजो न देते हुए कहा कि इस गठबंधन से जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति, मुंबई नगर निकाय चुनाव जीत जाएगी।

उन्होंने फिर से कहा कि 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के बाद मुंबई का मेयर महायुति गठबंधन से होगा, जो हिंदू भी होगा और मराठी भी। उन्होंने यह भी कहा कि मराठी मतदाता भाजपा के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।

भाजपा नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री और कभी सहयोगी रहे उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए हिंदुत्व में उनके योगदान पर सवाल उठाया।

फडणवीस ने कहा, ‘‘अल्पसंख्यक और मुसलमान जानते हैं कि उनका इस्तेमाल वोट मशीन के रूप में किया जाता है और फिर उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। हो सकता है कि वे अभी भाजपा को भारी संख्या में वोट न दें, लेकिन विपक्ष का हमें हराने का ‘वोट जिहाद’ का नारा चुनावों में कारगर नहीं होगा। बहुसंख्यक समुदाय भी जागृत हो चुका है। उन्हें एहसास हो गया है कि जो भी ध्रुवीकरण करता है, उसे प्रति-ध्रुवीकरण के रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।’’

‘वोट जिहाद’ का मतलब चुनावों में अल्पसंख्यकों द्वारा भाजपा विरोधी दलों को समर्थन देने से है।

फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व को त्याग दिया है।

ठाकरे ने अपनी वैचारिक प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ गठबंधन किया और 2019 में मुख्यमंत्री बनने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को एकजुट किया।

फडणवीस ने कहा कि क्या उद्धव राम जन्मभूमि जैसे किसी आंदोलन में शामिल थे? मैं अयोध्या में तीनों कार सेवाओं में ‘कार सेवक’ था। वह कभी निकलकर नहीं आए, उन्होंने कभी किसी मुकदमे का सामना नहीं किया, कभी किसी आंदोलन का नेतृत्व नहीं किया। हम जन्म से ही हिंदुत्ववादी हैं; हिंदुत्व हमारे खून में दौड़ता है।

भाषा यासिर नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments