नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को श्रीलंका जाएंगे जहां वे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने सहित विविध विषयों पर चर्चा करेंगे।
मुरलीधरन की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब श्रीलंका गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी ।
उन्होंने बताया कि विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन 3 और 4 फरवरी को श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे जहां वे श्रीलंका के 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे ।
ज्ञात हो कि श्रीलंका अपना स्वतंत्रता दिवस 4 फरवरी को मनाता है।
प्रवक्ता ने बताया कि मुरलीधरन का श्रीलंका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और विदेश मंत्री अली साबरी से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है ।
मुरलीधरन की यात्रा से दो सप्ताह पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने श्रीलंका की यात्रा की थी।
बागची ने कहा कि मुरलीधरन अपनी यात्रा के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उनका भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दो सप्ताह पहले श्रीलंका की यात्रा की थी। उन्होंने गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा था कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में विशेष रूप से ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भारत अधिक निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा था, ‘‘हमने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को वित्तीय आश्वासन दिया है, ताकि श्रीलंका को आगे बढ़ने में मदद मिल सके।’’ विदेश मंत्री ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि इससे न केवल श्रीलंका की स्थिति मतबूत होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि सभी द्विपक्षीय ऋणदाताओं के साथ समान व्यवहार हो।
श्रीलंका अभी गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति का सामना कर रहा है और कर्ज पुनर्गठन को लेकर वह भारत से सहयोग को लेकर आशान्वित है। श्रीलंका आईएमएफ से 2.9 अरब डॉलर का ऋण हासिल करने के लिए प्रयासरत है।
भाषा दीपक अमित नरेश
नरेश
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