नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) दिल्ली की अदालत ने शहर की पुलिस को महरौली हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला से पांच दिन और पूछताछ करने की बृहस्पतिवार को अनुमति दे दी। अदालत ने फोरेंसिक प्रक्रिया से गुजरने के लिए आरोपी के सहमति देने के बाद इस मामले का खुलासा करने के उद्देश्य से उसके ‘नार्को टेस्ट’ की भी अनुमति दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश किये गये 28 वर्षीय पूनावाला का ‘नार्को टेस्ट’ कराये जाने का दिल्ली पुलिस ने अनुरोध किया था। मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने कहा कि यह आवश्यक है क्योंकि वह अपने बयान बदल रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
पूनावाला के वकील अविनाश कुमार ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौड़ ने पुलिस को नार्को टेस्ट कराने की अनुमति दी। पुलिस ने 12 नवंबर को नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दी थी।
पुलिस के अनुसार पूनावाला ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर (27) की गत 18 मई की शाम को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा तथा कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता दिल्ली के अन्य पुलिस जिलों से मदद ले सकते हैं और पूनावाला को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे स्थानों पर ले जाएंगे ताकि वालकर की हत्या की घटनाओं के क्रम को स्थापित किया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई छोड़ने के बाद, वालकर और पूनावाला ने कई स्थानों की यात्रा की थी और पुलिस आरोपी के साथ इन स्थानों का दौरा करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन यात्राओं के दौरान उन दोनों के बीच कोई अनबन तो नहीं हुई थी।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुक्ला ने आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश किए जाने के बाद यह आदेश पारित किया।
इस बीच लगभग 100 वकीलों ने पूनावाला के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अदालत परिसर में एकत्र होकर उसके लिए मौत की सजा की मांग की।
अभियुक्त की पहले की हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत के समक्ष पेश करने से पहले, दिल्ली पुलिस ने न्यायाधीश के समक्ष एक याचिका दाखिल की और आरोपी को ‘‘कुछ धार्मिक संगठनों और उपद्रवियों’’ से खतरा होने के मद्देनजर उसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश किये जाने का आग्रह किया।
न्यायाधीश ने आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘मुझे मामले की संवेदनशीलता और मीडिया कवरेज के बारे में जानकारी है, मुझे यह भी पता है कि लोग इस मामले पर ध्यान लगाये हुए हैं।’’
इस बीच मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौड़ ने पुलिस को मामले का खुलासा करने के लिए पूनावाला का नार्को टेस्ट कराने की अनुमति दे दी।
सुनवाई के बाद अदालत के सूत्रों ने बताया कि आरोपी को पांच और दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया जबकि उसने मामले में पूछताछ के लिए उसे 10 दिन के लिए हिरासत में दिये जाने का आग्रह किया था।
साकेत बार एसोसिएशन ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ की बर्बरता से हत्या करने के आरोपी पूनावाला के खिलाफ यहां एक अदालत में वकीलों द्वारा कथित तौर पर किए गए एक प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा।
विरोध प्रदर्शन कर रहे वकीलों में से एक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदर्शन आरोपी के जघन्य अपराध के खिलाफ आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा, “हम मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। इस मामले की त्वरित अदालत में शीघ्र सुनवाई होनी चाहिए।”
एसोसिएशन के अध्यक्ष वकील विनोद शर्मा ने बार के इस प्रदर्शन से दूर रहने का दावा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी एसोसिएशन ने न तो प्रदर्शन किया और न ही हम इसका समर्थन करते हैं। कानून अपना काम करेगा। मुझे यकीन नहीं है कि वे वकील थे या कुछ बाहरी लोग वकील की वर्दी में थे। मैंने अभी तक कोई फुटेज नहीं देखी है।’’
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पिछले छह महीनों में अपने क्षेत्रों में बरामद शव के टुकड़ों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए अन्य पुलिस जिलों से संपर्क कर रही है।
सूत्रों ने बताया, ‘‘हम हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में उन होटलों के मालिकों और कर्मचारियों से बात करेंगे जहां वे रुके थे और उन्हें पूनावाला की पहचान भी कराएंगे। हम उसे महरौली वन क्षेत्र में भी ले जाएंगे ताकि पता लगाया जा सके कि उसने शव के टुकड़ों को कैसे फेंका था।’’
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि पूनावाला ने अपने मार्ग के बारे में जांचकर्ताओं को गुमराह किया था।
सूत्रों ने कहा, ‘‘हमने वन क्षेत्र में चार स्थानों से शव के टुकड़े बरामद किए हैं। उसने शव के टुकड़े करने के लिए छोटी आरी का इस्तेमाल किया था, जिसे उसने महरौली-गुड़गांव रोड पर एक दुकान से कथित तौर पर खरीदा था। हम उसे दुकान पर भी ले जाएंगे ताकि दुकानदार उसकी पहचान कर सके।’’
भाषा
देवेंद्र मनीषा
मनीषा
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