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Friday, 1 May, 2026
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मेघालय सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र से किया समझौता

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शिलांग/दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) मेघालय सरकार ने राज्य भर के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के मकसद से केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह समझौता ज्ञापन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना की मौजूदगी में हस्ताक्षरित किया गया, जबकि मेघालय के मुख्यमंत्री ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

मेघालय के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) मंत्री मारकुइस एन. मारक, मंत्रालय और राज्य सरकार दोनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद थे।

मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने इस कार्यक्रम में ‘वर्चुअल’ माध्यम से भाग लेते हुए कहा कि यह समझौता ज्ञापन प्रत्येक घर में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

संगमा ने जल जीवन मिशन के तहत हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य के 83 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को पहले ही पानी के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘83 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को पहले ही पानी के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और हम समय-समय पर सहायता लेने तथा मिशन को पूरा करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’’

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह समझौता जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने के मकसद से एक ढांचा निर्धारित करता है। इसमें योजना, वित्तपोषण, निगरानी, ​​जल गुणवत्ता निगरानी और जल स्रोतों की स्थिरता शामिल है।

इस पहल से ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से प्रगति होने की उम्मीद है और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जीवन की भी आस है।

इसके साथ ही मेघालय केंद्र के जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुधार संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला देश का 12वां राज्य बन गया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने विश्वास व्यक्त किया कि मेघालय जल्द ही उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने नल जल के लक्ष्य को 100 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मिशन के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त परिव्यय को मंजूरी दे दी है, जिसमें से लगभग 67,300 करोड़ रुपये 2025-26 के केंद्रीय बजट में आवंटित किए गए हैं।

भाषा

यासिर संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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