नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने आने वाले बजट में आवारा कुत्तों के तीन प्रस्तावित आश्रय स्थलों को बेहतर बनाने और उनका विस्तार करने के लिए 10 करोड़ रुपये रख सकता है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अधिकारियों के मुताबिक, 2026-27 के बजट अनुमान (बीई) में रखी जाने वाली यह राशि नए आश्रय स्थलों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने पर खर्च की जाएगी.
एक अधिकारी ने कहा, “शहर में कुत्तों की संख्या काफी ज्यादा है. इसे देखते हुए नए आश्रय स्थलों को बेहतर बनाना और उनके लिए पैसा तय करना जरूरी है. यह रकम इसी काम में लगेगी.”
उन्होंने बताया कि द्वारका में एक आश्रय स्थल का निर्माण चल रहा है, जहां शुरुआत में करीब 1500 कुत्तों को रखा जा सकेगा.
निगम ने पिछले साल दिसंबर में बताया था कि आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए द्वारका सेक्टर-29 में करीब 2.5 एकड़ जमीन पर एक आश्रय स्थल बनाया जाएगा.
इसके अलावा, बिजवासन और बेला रोड में भी दो और आश्रय स्थलों का प्रस्ताव है. इनमें क्रमशः 14 और 40 केनेल होंगे, ताकि ज्यादा कुत्तों को रखा जा सके और पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा सके.
निगम का कहना है कि इन आश्रय स्थलों से आवारा पशुओं के प्रबंधन में सुधार होगा और लोगों की सुरक्षा भी बेहतर होगी.
एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने पिछले साल 5 दिसंबर को बताया था कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच 54,000 से ज्यादा आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई थी.
इससे पहले, पीटीआई-भाषा ने खबर दी थी कि दिल्ली में आवारा कुत्तों की माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण के लिए एमसीडी ने अपने आने वाले बजट में करीब 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
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