इंफाल/चूड़ाचांदपुर, 21 नवंबर (भाषा) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में स्थित राहत शिवरों में रह रहे सैकड़ों की संख्या में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) ने शुक्रवार शाम को पड़ोसी चूड़ाचांदपुर जिले की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वर्ष 2023 में जातीय हिंसा के दौरान चूड़ाचांदपुर से विस्थापित लोगों ने कहा कि राज्य में हालात सामान्य हो गए हैं, क्योंकि दो साल के अंतराल के बाद सालाना संगाई पर्यटन महोत्सव हो रहा है।
एक अधिकारी ने एक आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति के हवाले से बताया कि उन्होंने मांग की कि उन्हें चूड़ाचांदपुर जिले में उनके घरों में लौटने दिया जाए।
हालांकि, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को सुरक्षा बलों ने चूड़ाचांदपुर जिले से कुछ किलोमीटर दूर बिष्णुपुर जिले में फौगाकचाओ इखाई के पास रोक दिया।
सुरक्षा बलों ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड और कंटीले तार लगा दिए और सड़कों के बीच में गाड़ियां खड़ी कर दीं।
अधिकारियों ने दावा किया कि इन उपायों के बावजूद, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
भाषा संतोष दिलीप
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