इम्फाल, 23 जून (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने जातीय हिंसा से विस्थापित लोगों के लिए पूर्व-निर्मित मकानों की स्थापना के लिए स्थलों का निरीक्षण किया और कहा कि उन मकानों का एक हिस्सा बिष्णुपुर जिले में एक रेशम उत्पादन संस्थान के परिसर में स्थापित किया जायेगा।
सिंह ने तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद राज्य की राजधानी के बाहर प्रभावित क्षेत्रों की अपनी पहली यात्रा के दौरान क्वाक्टा क्षेत्र में कहा कि सरकार सामान्य स्थिति बहाल होने तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर काम कर रही है।
पूर्वनिर्मित घर ऐसे आवास है जिन्हे कहीं और पूर्वनिर्मित करके स्थापना के स्थान पर ले जाकर स्थापित कर दिया जाता है। प्रायः इनको एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने और स्थापित करने में अधिक कठिनाई नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने क्वाक्टा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से क्वाक्टा में रेशम उत्पादन प्रशिक्षण संस्थान परिसर की कक्षाओं और छात्रावासों में रखा जाएगा। परिसर के अंदर लगभग 500 पूर्व-निर्मित घर स्थापित किए जाएंगे।’’
सिंह ने 21 जून की रात को क्वाक्टा में आईईडी विस्फोट की निंदा की जिसमें दो किशोर और सात वर्षीय एक लड़का घायल हो गये थे।
उन्होंने कहा, ‘‘दोषियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।’’
मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच एक महीने पहले भड़की हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए छात्रों के एक संगठन द्वारा तीन मई को आहूत ‘आदिवासी एकता मार्च’ में हिंसा भड़क गई थी।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
