त्रिशूर (केरल), छह दिसंबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को दुष्कर्म और जबरन गर्भपात के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दी गई अंतरिम राहत को शनिवार को “सामान्य” और मानक प्रक्रिया बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब अग्रिम जमानत याचिका अदालत में लंबित है, तो किसी को गिरफ्तार करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, “लेकिन केरल में याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार करने की प्रथा है।”
उन्होंने कहा, “अब उन्होंने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है और मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है। हमारे राज्य में आम तौर पर यही प्रक्रिया होती है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि अदालत ने खास तौर पर यह भी कहा है कि गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल सामान्य है और प्रक्रिया का ही हिस्सा है।”
विजयन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ममकूटाथिल को पुलिस से बचाने के लिए खुले तौर पर संरक्षण दे रही है।
केरल उच्च न्यायालय ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को बलात्कार और जबरन गर्भपात के मामले में शनिवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।
न्यायमूर्ति के. बाबू ने कहा कि अदालत 15 दिसंबर को ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी और तब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम सुरक्षा मिलने के कुछ घंटों बाद ही विधायक ने यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में अग्रिम जमानत के लिए तिरुवनंतपुरम की एक सत्र अदालत में याचिका दायर की।
विधायक के वकील अजितकुमार ने कहा कि आज यहां की सत्र अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई, साथ ही एक आवेदन भी दिया गया कि उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर पुलिस उन्हें गिरफ्तार न करे।
भाषा खारी दिलीप
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