मुंबई, नौ मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस द्वारा सौंपी गई वीडियो फुटेज की सत्यता की जांच कराएगी। फडणवीस ने एक दिन पहले विधानसभा में एक वीडियो जमा करते हुए आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र का सत्तारूढ़ गठबंधन अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है।
पवार ने यहां पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि उनके नाम का कथित षड्यंत्र के संबंध में ‘‘प्रत्यक्ष/परोक्ष’’ तौर पर जिक्र किया गया है लेकिन उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा का नाम लिये बिना पवार ने कहा कि राज्य में महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गठबंधन को संकट में नहीं डाला जा सकता क्योंकि उसके पास स्पष्ट बहुमत है।
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के संबंध में शिवसेना सांसद संजय राउत द्वारा उठाई गयी शिकायत के मामले में जांच का आदेश देंगे।
राज्य विधानसभा में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए फडणवीस ने मंगलवार को सदन के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को एक पेन ड्राइव सौंपा था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पेन ड्राइव में 125 घंटे की वीडियो रिकार्डिंग है, जिसमें यह देखा जा सकता है कि पुलिस और एमवीए (शिवसेना, राकांपा तथा कांग्रेस गठबंधन) के सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने के लिए किस तरह से साजिश रची।
पवार ने इस दावे को हास्यास्पद बताया कि वह फडणवीस और भाजपा नेता गिरीश महाजन को राजनीतिक रूप से समाप्त कर देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि इसमें कुछ हास्यास्पद जानकारी भी है। किसी को भी इस तरह खत्म नहीं किया जा सकता। अगर यह सच है कि फडणवीस द्वारा सौंपी गई रिकॉर्डिंग 125 घंटे की है तो किसी शक्तिशाली एजेंसी के इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और ऐसी एजेंसियां केवल भारत सरकार के तहत काम करती हैं।’’
उन्होंने कहा कि महा विकास अघाडी (एमवीए) सरकार अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए सत्ता का दुरुपयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एक चीज गौर करने वाली है कि केंद्र और उसकी सभी एजेंसियों की सभी शक्तियां उन लोगों के हाथ में हैं जो देवेंद्र फडणवीस जैसी विचारधारा का अनुसरण करते हैं।’’
पवार ने दावा किया कि राज्य में एमवीए सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें कामयाब नहीं हुईं और इसलिए उसे गिराने के लिए ‘‘ऐसे विकल्प’’ तलाशे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार फडणवीस द्वारा सौंपी गयी सामग्री की जांच कराएगी और सही समय पर जनता के सामने तथ्यों को रखेगी।
हालांकि पवार ने कहा कि यह सच है कि उन्होंने फडणवीस से भाजपा नेता के एक सहयोगी के बारे में पिछले छह महीने या एक साल में कभी मिली गंभीर शिकायत को देखने को कहा था।
राकांपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘बाद में, मुझे उन्होंने (फडणवीस ने) बताया कि वह मेरे द्वारा भेजी गयी शिकायत को देख रहे हैं और इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि ऐसी बातें नहीं हों। इसके अलावा, मेरा निजी तौर पर कोई लेनादेना नहीं है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में भाजपा के विरोधियों को हतोत्साहित करने के लिए बड़े स्तर पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख इस बात का सटीक उदाहरण हैं कि एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए जांच कैसे की जाती है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देशमुख को गिरफ्तार किया था।
राकांपा नेता ने कहा, ‘‘एक पुलिस अधिकारी की पुलिस में शिकायत पर देशमुख को जेल में डाला गया।’’
पवार ने दावा किया कि देशमुख, उनके परिवार, रिश्तेदार,कर्मियों, निजी सचिव और सीए समेत कम से कम 95 लोगों के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसियों ने छापे मारे। उन्होंने कहा कि देशमुख के मामले में कम से कम 200 लोगों के बयान दर्ज किये गये।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले कभी इस तरह का कुछ नहीं सुना था।’’
जब पूछा गया कि क्या एमवीए सरकार संकट में है और राज्य राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है तो पवार ने कहा, ‘‘कोई एमवीए सरकार को संकट में नहीं डाल सकता। सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है। हां, उसे अस्थिर करने के प्रयास किये जा रहे हैं…लेकिन राकांपा, शिवसेना तथा कांग्रेस के विधायक ऐसे प्रयासों पर जवाब नहीं देंगे।’’
पवार ने राकांपा नेता और राज्य में मंत्री नवाब मलिक के इस्तीफे की भाजपा की मांग को भी खारिज कर दिया जिन्हें धनशोधन के एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है।
इस बीच महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने भी फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इस तरह के दावे इसलिए किये जा रहे हैं क्योंकि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस सत्ता में हैं और भाजपा नहीं है। गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल इस पर सही जवाब देंगे।’’
भाषा वैभव उमा
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