ठाणे, चार जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने सात वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ करने के मामले में एक व्यक्ति (52) को तीन साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। घटना 2020 में महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में हुई थी।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉकसो) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत के न्यायाधीश वी. वी. वीरकर ने 26 दिसंबर को चननमल को दोषी ठहराया और उस पर 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
आदेश की प्रति मंगलवार को जारी की गई।
विशेष लोक अभियोजक रेखा हिवराले ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि जैन ने 17 जनवरी 2020 को पावरलूम शहर के एक सभागार में भंडारे के दौरान चॉकलेट देने के बहाने लड़की से छेड़छाड़ की। मां के आपत्ति जताने पर जैन शौचालय में छुप गया। सभागार में मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला और पुलिस के हवाले किया।
न्यायाधीश ने कहा कि जैन ने जुर्म कबूल कर लिया है और उसे उसका पछतावा भी है।
अदालत ने कहा, ‘‘ इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि पीड़िता उस समय सात साल की थी और जैन की उम्र 50 से अधिक… उसने एक जघन्य अपराध किया है।’’
न्यायाधीश ने जैन की उस दलील को खारिज कर दिया कि वह दी गई सजा जितना समय जेल में बिता चुका है।
न्यायाधीश ने कहा कि उसे पॉक्सो अधिनियम की धारा आठ के तहत सजा दी गई, जिसके तहत न्यूनतम तीन साल की सजा देने का प्रावधान है।
भाषा निहारिका मनीषा
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