इंदौर, 16 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रतिबंधित चीनी मांझे से लोगों के हताहत होने पर मुआवजे की नीति बनाए और इसे अदालत के सामने पेश करे।
उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने चीनी मांझे के कारण लोगों की मौत और दुर्घटनाओं का खुद संज्ञान लिया है।
न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने सभी संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने और विभिन्न उच्च न्यायालयों तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कई आदेशों पर विचार के बाद राज्य सरकार को विस्तृत निर्देश दिए।
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार चीनी मांझे से किसी व्यक्ति के जख्मी होने या उसकी मृत्यु होने पर पीड़ितों या उनके परिवारों को मुआवजा देने की नीति बनाए।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह निर्देश भी दिया कि जब्त किए गए चीनी मांझे की खेप को ‘खतरनाक प्लास्टिक अपशिष्ट’ के रूप में वर्गीकृत किया जाए।
युगल पीठ ने कहा कि इस खेप को पुलिस के मालखानों में अनिश्चितकाल तक संग्रहित न किया जाए और न ही इसे खुले में जलाया जाए।
अदालत ने कहा, ‘‘चूंकि चीनी मांझा अपने आप नष्ट नहीं होता है और खुले में जलाए जाने पर विषैली गैसें छोड़ता है, इसलिए इसे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समन्वय से औद्योगिक भस्मक या अधिकृत प्लास्टिक पुनर्चक्रण संयंत्रों में भेजा जा सकता है।’’
उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस के साइबर दस्ते को निर्देश दिया जाए कि वह मकर संक्रांति पर्व से कई दिन पहले सभी प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों को नोटिस जारी करे ताकि सूबे में चीनी मांझे की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त रोकी जा सके।
अदालत ने कहा कि ‘नायलॉन मांझा’, ‘मोनो-काइट’ या ‘सिंथेटिक स्ट्रिंग’ के रूप में सूचीबद्ध कोई भी उत्पाद राज्य के किसी भी पिन कोड पर वितरित न किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
उच्च न्यायालय ने कहा कि चीनी मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री या उपयोग के संबंध में कार्रवाई योग्य जानकारी प्रदान करने वाले लोगों को राज्य सरकार इनाम दे और उनकी पहचान गुप्त रखी जाए।
अदालत ने कहा कि चीनी मांझे के परिवहन पर ट्रांसपोर्टर, कूरियर सेवा या परिवहन एजेंसी को उत्तरदायी ठहराया जाए और इन एजेंसियों के व्यापार लाइसेंस/परमिट को कानूनन निलंबित किया जाए।
उच्च न्यायालय ने कहा कि मकर संक्रांति के त्योहार से ठीक पहले, कदम उठाने के बजाय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया जा सकता है कि वे चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध को सख्ती से अमल में लाने के लिए हर साल वक्त रहते काम में जुट जाएं।
नायलॉन से बना मांझा इतना तीखा होता है कि इससे जानलेवा घाव हो सकता है। आम जनमानस में ‘चीनी मांझे’ के नाम से मशहूर इस धागे पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद पतंगबाजी के शौकीन इसे इस्तेमाल करते हैं।
भाषा हर्ष खारी
खारी
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