नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने उनके विभाग पर किसानों और वकीलों के कक्षों को दी जाने वाली मुफ्त बिजली बंद करने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए दबाव डाला।
ऊर्जा मंत्री के इन आरोपों पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग से एक फाइल उन्हें दिन में मिली थी, जिसमें दिल्ली में किसानों और वकीलों के चैंबर के लिए मुफ्त बिजली बंद करने का प्रस्ताव था।
आतिशी ने दावा किया, ‘‘बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल और भाजपा नेताओं की ओर से दिल्ली सरकार द्वारा दी जा रही मुफ्त बिजली बंद करने का काफी दबाव है। ’’
उन्होंने हैरानी जताई कि मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्री की मंजूरी के बिना ऐसा प्रस्ताव कैसे आ सकता है।
दिल्ली की ऊर्जा मंत्री ने कहा, ‘‘ उपराज्यपाल के दबाव में यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से नफरत करते हैं, लेकिन आपसे गुजारिश है कि आप हमसे इतनी नफरत न करें कि आपको दिल्ली के किसानों, वकीलों तक से भी नफरत हो जाए। जब तक केजरीवाल रहेंगे मुफ्त बिजली योजना बंद नहीं होगी।’’
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की एक योजना के तहत, शहर के किसानों को मुफ्त बिजली और वकीलों को उनके कक्षों के लिए बिजली पर सब्सिडी मिलती है।
भाषा रवि कांत रंजन
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