भुवनेश्वर, 27 अगस्त (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस महीने भुवनेश्वर में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर संसद और राज्य विधानमंडलों की विभिन्न समितियों के अध्यक्षों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी बुधवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसा सम्मेलन पहली बार दिल्ली के बाहर आयोजित किया जाएगा।
संसद और राज्य विधानमंडलों की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्षों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 29 अगस्त से शुरू होगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्षों का पहला सम्मेलन 1976 में नयी दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसके बाद 1979, 1983, 1987 और 2001 में सम्मेलन आयोजित किए गए, जिससे अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और संवैधानिक सुरक्षा उपायों के विभिन्न आयामों पर गहन संवाद को बढ़ावा मिला।’’
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष एक प्रदर्शनी का उद्घाटन और एक स्मारिका का विमोचन भी करेंगे।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव और धर्मेंद्र प्रधान, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
संसद और राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्ष और सदस्य, ओडिशा सरकार के मंत्री और ओडिशा विधानसभा के सदस्य भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहेंगे।
ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढी सम्मेलन में स्वागत भाषण देंगी।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 120 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे और इसका विषय ‘अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण, विकास और सशक्तीकरण पर संसदीय और विधानमंडल समितियों की भूमिका’ है।
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति 30 अगस्त को समापन भाषण देंगे।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.