कानपुर (उप्र), 10 फरवरी (भाषा) कानपुर में लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा के अधिवक्ता ने दावा किया है कि घटना के समय मिश्रा कार नहीं चला रहा था, जबकि पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान व अन्य सबूतों से यह स्पष्ट है कि गाड़ी मिश्रा ही चला रहा था।
मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि गाड़ी मिश्रा के परिवार का चालक मोहन चला रहा था, न कि शिवम।
कानपुर के पॉश ग्वालटोली इलाके में ‘वीआईपी रोड’ पर अपराह्न करीब सवा तीन बजे 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए कई लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे।
अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने कहा, “कार परिवार का चालक चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हम अदालत के समक्ष तथ्य और साक्ष्य पेश करेंगे।”
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस मामले को उनके मुवक्किल के खिलाफ सीधे आपराधिक कृत्य के बजाय एक दुर्घटना के रूप में देखा जाए।
हालांकि, कानपुर पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अब तक की जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उपलब्ध सबूत और चश्मदीदों के बयान मिश्रा के गाड़ी चलाने की पुष्टि करते हैं।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी प्राथमिकी में शुरुआत में गलत या अधूरी जानकारी हो सकती है। जांच के दौरान सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से शिवम मिश्रा की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।”
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके के वीडियो का भी हवाला दिया, जिसमें टक्कर के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग और बचावकर्मी को एक व्यक्ति को चालक की सीट से बाहर खींचते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि वह शिवम मिश्रा ही है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मौके के सीसीटीवी फुटेज से भी पहचान की हुई कि कार से बाहर निकाला गया व्यक्ति शिवम मिश्रा ही था।
उन्होंने कहा कि वकील की दलीलों से जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
डीसीपी ने कहा, “कोई भी वकील अदालत में जो दलील देता है, उससे हमारी जांच प्रभावित नहीं होती। यदि अदालत किसी स्पष्टीकरण की मांग करती है, तो सभी तथ्य उसके समक्ष रखे जाएंगे।”
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस टीम नोटिस देने के लिए आर्य नगर स्थित मिश्रा के घर भी गई थीं, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
प्राथमिकी में शुरुआत में लैंबॉर्गिनी कार के अज्ञात चालक का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसमें शिवम मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया। कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
भाषा सं आनन्द
सिम्मी खारी
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