कोटा (राजस्थान), 11 मार्च (भाषा) राजस्थान के कोटा शहर की पुलिस ने नौकरी के नाम पर 8500 लोगों से ठगी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपी अंतरराज्यीय नौकरी गिरोह का कथित सरगना है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और जांच के जरिये पुलिस ने बिहार से आरोपी को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने घर से कार्य करने के अवसर का वादा कर पीड़ितों से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये एकत्र किए।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान कुमार सानू उर्फ दीपक सिंह के रूप में हुई है और वह बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। उसे मंगलवार शाम को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने आगे की पूछताछ के लिए 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की।
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि इस मामले की जांच 15 नवंबर, 2025 को अनंतपुरा थाना में कुलदीप शर्मा और कई अन्य पीड़ितों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सिंह ने ‘ओएसिस इंटरप्राइजेज’ नामक एक कंपनी संचालित की जिसने घर से नौकरी के नाम पर लोगों को लुभाया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को अखबार के विज्ञापनों के माध्यम से निशाना बनाया। उसने कथित तौर पर आवेदनकर्ताओं से 2,500 रुपये “सुरक्षा राशि” के रूप में वसूले।
योजना को बढ़ाने के लिए सिंह ने ‘चेन मार्केटिंग मॉडल’ अपनाया और हर नए सदस्य के लिए 500 रुपये का कमीशन देने का वादा किया। कुछ ही महीनों में उसने हजारों पीड़ितों से करीब दो करोड़ रुपये इकट्ठा किए और कोटा के सुभाष नगर स्थित अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया ।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो सिंह के बिहार में होने की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस टीम ने भागलपुर जिले के नौगछिया स्थित एक होटल में छापा मारा जहां वह अपनी पत्नी के साथ छिपा हुआ था। पुलिस ने सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसकी पत्नी को परिवार के सदस्यों के साथ जाने की अनुमति दी गई।
पलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान सिंह के पास से 1,88,500 रुपये नकद, एक कार और कई नकली आधार तथा ई-श्रम कार्ड बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि सिंह बिहार के दरभंगा, झारखंड के रांची, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, राजस्थान के बीकानेर और मध्य प्रदेश के इंदौर में भी कथित तौर पर इसी तरह की ठगी को अंजाम दे चुका है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भाषा रंजन पवनेश
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