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Thursday, 19 March, 2026
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खांडू: पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार के समर्थन से पूर्वोत्तर में हुए बदलाव

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ईटानगर, पांच फरवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है, जिसका श्रेय उन्होंने केंद्र की निरंतर सहायता को दिया है।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेते हुए खांडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर द्वारा स्वतंत्रता के बाद से ‘‘दशकों तक झेली उपेक्षा’’ की भरपाई के लिए सचेत प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री विकसित भारत 2047 की बात करते हैं, तो वह बार-बार इस क्षेत्र में व्याप्त अभाव और अंतर को पाटने की आवश्यकता को स्वीकार करते हैं। आज पूर्वोत्तर में जो बदलाव देखने को मिल रहा है, वह इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

खांडू ने कहा कि राज्यपाल के संबोधन में हाल के वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का व्यापक प्रतिबिंब प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के साथ राज्य के तालमेल में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज केंद्रीय मंत्री राज्य का बार-बार दौरा करते हैं और एक ही बार में फाइल को निपटा देते हैं। यह प्रधानमंत्री के अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के प्रति स्नेह की वजह से ही संभव है।’’

खांडू ने कहा कि मुख्यमंत्री की समग्र सड़क विकास योजना के तहत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।

उन्होंने केंद्र के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बदलाव की मुहीम बताया, जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश के लिए पहले ही 1,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यहां के पास होलोंगी में डोनयी पोलो हवाई अड्डे पर नये टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया गया है और हवाई अड्डे को ‘उड़ान’ योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का पुरस्कार मिला है।

खांडू ने ‘मंत्रिमंडल आप के द्वार’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सरकार को जमीनी स्तर की जरूरतों को समझने और क्षेत्र-विशिष्ट योजनाओं और परियोजनाओं को तैयार करने में मदद मिली है।

उन्होंने नीतियों को अधिक समग्र बनाने के लिए सदस्यों को सुधार के सुझाव देने की अनुमति देने के मकसद से शीघ्र ही एक-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किए जाने की घोषणा की।

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक महेश चाई ने प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन पार्टी के एक अन्य विधायक हागे आपा ने किया। बाद में सदन ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित कर दिया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष तेसम पोंगटे ने विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

इससे पहले सत्र के दौरान विधानसभा को बताया गया कि राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित 48 सड़कें पिछले दो वर्षों में बार-बार होने वाले भूस्खलन और भारी मानसूनी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक ताई निकियो के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) मंत्री पासांग दोरजी सोना ने कहा कि राज्य के कमजोर भूभाग, भारी वर्षा और भूवैज्ञानिक संवेदनशीलता के कारण इस तरह की क्षति होती है।

भाषा

यासिर सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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