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Saturday, 24 October, 2026
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केरल विश्वविद्यालय के कुलपति का छात्र राजनीति पर प्रतिबंध लगाने की पहल से इनकार

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तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर (भाषा) केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल ने शनिवार को कहा कि परिसर में छात्र राजनीति पर प्रतिबंध लगाने की कोई पहल नहीं की गई है। उन्होंने जोर दिया कि हिंसा रोकने और शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित होने से बचाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।

विश्वविद्यालय सिंडिकेट की हालिया बैठक में छात्र राजनीति को विनियमित करने के लिए आचार संहिता का मसौदा विचारार्थ रखे जाने संबंधी खबरों पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कुन्नुम्मल ने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पहले कोट्टायम स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय (एमजी विश्वविद्यालय) में उठा था, जिसने परिसर की गतिविधियों को विनियमित करने के संबंध में एक दस्तावेज तैयार किया था।

कुन्नुम्मल ने कहा कि इसके बाद उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालयों को एमजी विश्वविद्यालय के दस्तावेज की समीक्षा करने और अपने नियम बनाने का निर्देश दिया था।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अदालत के निर्देशों और सरकार के स्तर पर हुई बैठकों में चर्चा के बाद इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं।

कुन्नुम्मल ने कहा कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग प्रस्ताव और दस्तावेज सामने आ सकते हैं तथा किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले विश्वविद्यालय के वैधानिक निकाय इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा कि केरलम के परिसरों में एसएफआई और केएसयू जैसे छात्र संगठन सक्रिय हैं तथा छात्र राजनीति को केवल शिक्षा में बाधा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कुन्नुम्मल ने कहा, ‘‘यदि राजनीतिक गतिविधियां छात्रों के लिए लाभकारी हैं, तो उन्हें रोकने की कोई जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने जोर दिया कि परिसरों में समसामयिक मुद्दों पर चर्चा और बहस के लिए जगह बनी रहनी चाहिए।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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