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Wednesday, 27 August, 2025
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केरल मंत्रिमंडल ने भूमि आवंटन अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी

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तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (भाषा) केरल मंत्रिमंडल ने दशकों पुराने भूमि आवंटन अधिनियम में संशोधन को बुधवार को मंजूरी दे दी, जिससे राज्य में ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की भूमि संबंधी विभिन्न समस्याओं के समाधान की काफी समय से लंबित मांग पूरी हो गई।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि विवाद एक गंभीर चिंता का विषय रहा है और इसका समाधान करना वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है।

उन्होंने याद दिलाया कि 2016 में सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से इस मुद्दे के समाधान के लिए कई हस्तक्षेप किये गए, जिससे इस संशोधन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

विजयन ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में अधिनियम में संशोधनों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल भूमि आवंटन अधिनियम, 1960 कृषि, आवास, आस-पड़ोस में जन सुविधाओं और दुकानों के लिए भूमि के स्वामित्व प्रदान करने की अनुमति देता था। हालांकि, कई लाभार्थियों ने बाद में भूमि को अन्य उपयोगों के लिए उसका स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया, जिससे ‘‘कानूनी जटिलताएं’’ पैदा हुईं।

विजयन ने कहा, ‘‘भूमि स्वामित्व प्रावधानों के अनुरूप इमारतों के निर्माण और स्वामित्व हस्तांतरण के कारण कई लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।’’

उन्होंने बताया कि अदालतों ने भी कई मामलों में हस्तक्षेप किया और सख्त नियम लागू किए।

उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में, सरकार ने एक संशोधन पेश किया, जिसे 14 सितंबर 2023 को विधानसभा ने पारित कर दिया। यह संशोधन कई श्रेणियों को शुल्क से छूट देकर और जहां शुल्क शेष हैं, वहां अपेक्षाकृत कम दरें लागू करके नियमितीकरण प्रक्रिया को सरल बनाता है।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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