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Saturday, 25 April, 2026
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केरल विधानसभा चुनाव: नेमोम सीट पर सरगर्मी बढ़ी, खोया जनाधार वापस पाने में जुटी भाजपा

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(प्रवीण कुमार)

तिरुवनंतपुरम, 18 मार्च (भाषा) केरल में हाल में संपन्न स्थानीय निकाय चुनाव में राज्य में निगम में अपनी पहली जीत से उत्साहित भाजपा, नेमोम निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें तिरुवनंतपुरम शहर और उसके बाहरी इलाके के कुछ हिस्से आते हैं।

इस सीट से भाजपा को राज्य से अपना पहला विधायक मिला था जब उसके वरिष्ठ नेता ओ राजगोपाल ने 2016 के विधानसभा चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से अपनी दावेदारी जता दी थी और अब 2026 के चुनाव में उनका लक्ष्य सिर्फ जीत हासिल करना है।

नेमोम में 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों के मतदान रुझानों की तुलना से पता चलता है कि तीनों प्रमुख मोर्चों के समर्थन आधार में बदलाव आया है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 2016 के उच्च स्तर से घटा, जबकि वाम दलों और कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की।

वहीं, भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से एकत्रित बूथ-स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में, भाजपा उम्मीदवार चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में से नेमोम में सबसे अधिक मत प्रतिशत हासिल किया था और उन्हें 45 प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक वी. शिवनकुट्टी ने कहा है कि भाजपा इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना खाता दोबारा नहीं खोल पाएगी।

उन्होंने कांग्रेस पर नेमोम में भाजपा के साथ ‘समायोजन की राजनीति’ करने का आरोप लगाया, जहां कांग्रेस ने अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

माकपा लंबे समय से कांग्रेस पर 2016 में क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाती रही है और उसका दावा है कि उसके चलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता राजगोपाल पहली बार यह सीट जीतने में सफल रहे थे।

हालांकि, 2021 के चुनाव में, शिवनकुट्टी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा एक चुनावी रैली में कहे गए कथन को सच कर दिखाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उक्त चुनाव में भाजपा की एकमात्र सीट भी छीन लेगा।

शिवनकुट्टी ने भाजपा के के. राजशेखरन के खिलाफ 4,000 से अधिक वोट से जीत हासिल की थी और उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी उन्हें आसानी से जीत मिलेगी। इसका कारण वे राज्य और निर्वाचन क्षेत्र दोनों में एलडीएफ सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को बता रहे हैं।

हालांकि, चंद्रशेखर को पार्टी के गढ़ में अपनी जीत का पूरा भरोसा है।

चंद्रशेखर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘नेमोम के लोग बदलाव चाहते हैं। वे विधायक और सरकार के खराब प्रदर्शन से असंतुष्ट हैं। मैं पिछले पांच वर्षों में निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि शिवनकुट्टी इसके लिए पर्याप्त रूप से सक्षम हैं।’’

शिवनकुट्टी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में, चंद्रशेखर को पिछले पांच वर्षों में निर्वाचन क्षेत्र के विकास की तुलना राजगोपाल के कार्यकाल (2016 से 2021) के दौरान हुए विकास से करने के लिए एक खुली बहस की चुनौती दी।

भाजपा को उम्मीद है कि वह इस निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करेगी और कुछ महीने पहले हुए स्थानीय निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में अपने प्रदर्शन को दोहराएगी।

चंद्रशेखर द्वारा निर्वाचन क्षेत्र के बहुसंख्यक हिंदू मतदाताओं को लुभाने के प्रयासों पर शिवनकुट्टी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई धर्मनिरपेक्षता के लिए है, न कि सांप्रदायिक विभाजन के लिए।

चंद्रशेखर ने सोमवार रात तिरुमला में एक रोडशो के साथ अपना चुनाव प्रचार शुरू किया, जबकि शिवनकुट्टी ने चुनाव तिथियों की घोषणा के ठीक एक घंटे बाद रविवार रात को अपना चुनाव प्रचार शुरू किया।

भाषा

अमित नरेश पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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