नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और आबकारी नीति मामले में अन्य आरोपियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनसे इस मामले को न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की अदालत से स्थानांतरित करने का आग्रह किया है।
पार्टी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी (आप) के कई नेताओं ने मामले को उच्च न्यायालय की ‘‘निष्पक्ष’’ पीठ के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग की है।
बयान के अनुसार, केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए एक अभ्यावेदन में न्यायमूर्ति शर्मा पर ‘‘पक्षपात’’ करने का आरोप लगाया है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को हाल ही में सीबीआई अदालत ने आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त किया था।
सोमवार को, सीबीआई द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों से इस मामले में उनका रुख पूछा।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया और सीबीआई की याचिका पर सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की। न्यायाधीश ने मामले से जुड़े सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी।
भाषा शफीक पवनेश
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