बेंगलुरु, दो फरवरी (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को आरोप लगाया कि सिद्धरमैया के नेतृत्व वाला कांग्रेस प्रशासन ‘भ्रष्टाचार में डूबा हुआ’ है और ‘कोमा की स्थिति’ में पहुंच गया है।
उन्होंने सरकार पर राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से ‘झूठ फैलाने’ का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धरमैया और डी. के. शिवकुमार के बीच चल रही ‘सत्ता की खींचतान’ ने राज्य के प्रशासन को ‘गंभीर रूप से प्रभावित’ किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने ये बातें विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहीं।
अशोक ने कहा, ‘सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक प्रतिष्ठा, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच झगड़े तथा आलाकमान के तुष्टीकरण के चलते कई मामलों में राज्य के हितों और गौरव का बलिदान कर दिया है।’
अशोक ने आरोप लगाया, ‘सरकार ने तथ्यों को छिपाकर राज्यपाल से अपने अभिभाषण में झूठ बुलवाने की कोशिश की है। मैं अभिभाषण के लिए राज्यपाल को धन्यवाद देता हूं लेकिन सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण का विरोध करता हूं। यह सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। इसमें नैतिकता की कमी है।’
कर्नाटक विधानसभा में 22 जनवरी को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार अभिभाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपना परंपरागत अभिभाषण केवल तीन वाक्यों में समाप्त कर दिया था। हालांकि, उस भाषण को पढ़ा हुआ मानकर सदन के पटल पर रखा गया था।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
