बेंगलुरु, 23 मार्च (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों को फ्रीज करने के प्रवर्तन निदेशालय के 2018 के आदेश को रद्द कर दिया है।
न्यायमूर्ति के. एस. हेमालेखा की एकल पीठ ने 24 फरवरी के अपने आदेश में कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 2018 में दायर याचिका को स्वीकृति दे दी गई और नोटिस रद्द कर दिया गया है। फैसले की प्रति हाल ही में उपलब्ध हो पायी है।
अदालत ने फैसले में कहा, ‘‘कानून के प्रावधान 132(8ए) के प्रावधानों के आलोक में, यह स्पष्ट है कि आयकर अधिनियम के प्रावधान 132 के उप-प्रावधान (3) के तहत आदेश जारी होने की तारीख से 60 दिनों के बाद प्रभावी नहीं होगा। प्रावधान 132 (8ए) के आलोक में, 25-10-2018 को जारी किए गए नोटिस, अपनी 60 दिनों की समय सीमा समाप्त होने के कारण अपना प्रभाव खो चुके हैं।’’
अदालत ने हालांकि कहा कि उचित कानून के तहत सक्षम प्राधिकार के समक्ष अपना पक्ष रखने के सभी विकल्प खुले हैं।
भाषा अर्पणा पवनेश
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