बेंगलुरु, नौ जनवरी (भाषा) कर्नाटक विधानसभा द्वारा पारित दो विधेयकों को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने और स्पष्टीकरण मांगते हुए राज्य सरकार को वापस भेज दिया है, जबकि लंबित 19 विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। लोक भवन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राज्यपाल के विशेष सचिव आर प्रभु शंकर द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन विधेयकों के अलावा कर्नाटक नफरती भाषण और घृणा अपराध (निवारण) विधेयक राज्यपाल के विचाराधीन है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘22 विधेयकों में से 19 को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है और उन्हें आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। दो विधेयक-कर्नाटक अनुसूचित जाति (एससी) (उप-वर्गीकरण) विधेयक और श्री चामुंडेश्वरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा कुछ अन्य कानून(संशोधन) विधेयक- और स्पष्टीकरण मांगते हुए सरकार को लौटा दिए गए हैं।”
कर्नाटक नफरती भाषण एवं घृणा अपराध (निवारण) विधेयक को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध के बावजूद कर्नाटक विधानसभा ने हाल में पारित कर दिया था। इस विधेयक में एक लाख रुपये तक के जुर्माने और सात साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
भाजपा ने इसे विपक्ष के खिलाफ ‘ब्रह्मास्त्र’ करार दिया है।
भाषा सिम्मी रंजन
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