हैदराबाद, 19 अगस्त (भाषा) तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री के. टी.रामाराव ने शुक्रवार को कहा कि किशोर न्याय अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में खामियों के परिणामस्वरूप जुबली हिल्स में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपियों को जमानत मिल गई।
मंत्री ने ट्वीट करके कहा, ‘‘किशोर न्याय अधिनियम, आईपीसी और सीआरपीसी में खामियों के परिणामस्वरूप बलात्कार के मामले के आरोपी जमानत पर छूट गए हैं। इसलिए मैं मांग कर रहा हूं कि इन अधिनियमों में संशोधन किया जाए, ताकि किसी भी बलात्कारी को जमानत न मिले और दोषी साबित होने पर वह मृत्यु पर्यंत जेल में रहे।’’
बिल्कीस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले 11 लोगों की रिहाई की आलोचना करते हुए मंत्री ने इससे पहले एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और दोषियों को छूट देने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करने की मांग की थी।
जुबली हिल्स नाबालिग बलात्कार मामले में तेलंगाना सरकार द्वारा ढिलाई बरते जाने के आरोपों पर निशाना साधते हुए केटीआर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि त्वरित कार्रवाई करके बलात्कारियों को तेजी से गिरफ्तार किया गया और जेल भेजा गया है।
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