नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के चार पदाधिकारी शामिल हैं।
इन विद्यार्थियों को 21 नवंबर, 2025 को डॉ. बी. आर. आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में प्रवेश द्वार पर लगे ‘चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी’ (एफआरटी) उपकरण में तोड़फोड़ करने का दोषी पाया गया था।
निलंबन पत्र के अनुसार, किझाकूट गोपिका बाबू, अदिति मिश्रा, सुनील यादव, दानिश अली और नीतीश कुमार को तत्काल प्रभाव से पूरे परिसर में ‘प्रतिबंधित’ कर दिया गया है और उन पर 20,000-20000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
निलंबन पत्र की प्रति ‘पीटीआई -भाषा’ ने देखी है।
संपर्क करने पर जेएनयू प्रशासन ने इन विद्यार्थियों को निलंबन पत्र जारी किये जाने की पुष्टि की। लेकिन इस पत्र पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया।
भाषा
राजकुमार संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
