नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों से सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालय की डिग्रियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी हैं।
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जेएनयू ने दशकों के निरंतर शैक्षणिक योगदान के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता की एक मजबूत और विशिष्ट विरासत का निर्माण किया है, जहां आलोचनात्मक सोच इसके लोकाचार का मूल है।
मंत्री का जेएनयू का दौरा उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है, जब परिसर के अंदर कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर नारेबाजी की थी।
प्रधान ने कहा, ‘‘जेएनयू की डिग्रियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी हैं। स्नातक छात्रों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे समावेशिता, सामाजिक न्याय और जिम्मेदारी की जेएनयू की विरासत को कायम रखें और उसे और मजबूत करें, हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज बनें और समाज में असमानताओं को कम करने में सक्रिय रूप से योगदान दें।’’
प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि जेएनयू के स्नातक राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
भाषा सुभाष अविनाश
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