मानसा: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उनके पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री से अपने पोते-पोतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनके बेटे को सुरक्षा देने में नाकाम रही.
झोटा की हत्या के बाद हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उनके पिता ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से परिवार को कोई सुरक्षा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि अब उनके पोते-पोतियों को भी खतरा है.
उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी. किसी ने भी हमारी रक्षा नहीं की. अब मेरे पोते-पोतियां भी खतरे में हैं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करता हूं कि मेरे पोते-पोतियों की सुरक्षा का इंतजाम किया जाए.”
नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का प्रण लेते हुए झोटा के पिता ने कहा कि जब तक वह जीवित हैं, पंजाब में नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
उन्होंने कहा, “हम नशे के खिलाफ यह लड़ाई जारी रखेंगे. जब तक मैं जिंदा हूं, पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ता रहूंगा.”
उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए और आरोप लगाया कि सरकार नशे के तस्करों का साथ दे रही है. उन्होंने मानसा में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की अपील करते हुए पंजाब के लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होने को कहा.
उन्होंने कहा, “हमें मानसा में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करना होगा. नहीं तो पंजाब के बच्चे तनाव में रहेंगे. मुझे मरने का डर नहीं है. मैं गोली खाने के लिए भी तैयार हूं.”
झोटा की हत्या के बाद पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत विपक्ष के कई नेताओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की आलोचना की.
मानसा में नशे के खिलाफ अपने अभियान के लिए पहचाने जाने वाले झोटा को एक मेडिकल दुकान के मालिक ने गोली मारी थी. गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई.
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