रांची, 11 फरवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डिजिटल और कागज रहित विधायी कामकाज को सुगम बनाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए झारखंड विधानसभा परिसर में एक नेवा (राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन) सेवा केंद्र का बुधवार को उद्घाटन किया।
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि आगामी बजट सत्र में डिजिटल सेवा का आंशिक रूप से उपयोग किया जाएगा और मानसून सत्र के दौरान इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर सोरेन ने कहा, ‘‘ नेवा विधानसभा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। धीरे-धीरे, विधानसभा की पूरी कार्यवाही कागज रहित हो जाएगी, जिससे कार्यसूची, विधायी प्रश्न, दस्तावेज और सत्र के अपडेट तक निर्बाध पहुंच संभव हो सकेगी। ’’
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को नेवा ऐप से प्रीलोडेड टैबलेट भी वितरित किए और उन्हें नयी डिजिटल प्रणाली के बेहतर उपयोग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, ‘‘ अब विधानसभा सदस्य घर बैठे या घर के किसी भी कोने से इस एप्लिकेशन के माध्यम से सदन की कार्यवाही देख सकेंगे। इससे उन सदस्यों को भी राहत मिलेगी जिन्हें अगले दिन की कार्यवाही के लिए कभी-कभी रात के दो बजे या तीन बजे प्रश्न पूछने पड़ते हैं। अब वे एप्लिकेशन के माध्यम से अपना प्रश्न पूछ सकते हैं।’’
महतो ने कहा कि विधानसभा के कामकाज को डिजिटल और कागज रहित बनाने के लिए वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ हमने बजट सत्र के दौरान डिजिटल शून्य काल के साथ डिजिटल सेवा को आंशिक रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। बजट सत्र के बाद विधानसभा सत्र में यह सेवा पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी। इसके बाद झारखंड विधानसभा देश की कागज रहित विधानसभाओं में से एक बन जाएगी।’’
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