Tuesday, 24 May, 2022
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धर्मनिरपेक्षता और तर्कसंगत विचार के लिए जावेद अख्तर को मिला 2020 का रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार

अख्तर की पत्नी और प्रख्यात अभिनेत्री शबाना आज़मी ने कहा कि आज के समय में जब धर्मनिरपेक्षता खतरे में हैं तो इस पुरस्कार की प्रासंगिकता बढ़ जाती है.

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मुंबई: प्रख्यात लेखक व गीतकार जावेद अख्तर को तर्कसंगत विचार, धर्मनिरपेक्षता को अहमियत देते हुए मानव विकास और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 2020 के प्रतिष्ठित रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

जावेद अख्तर रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. यह पुरस्कार विज्ञान, शोध, शिक्षा या मनोरंजन के क्षेत्र से एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को दिया जाता है, जो सार्वजनिक रूप से तर्कसंगत होकर धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए प्रयास करता है.

अख्तर की पत्नी और प्रख्यात अभिनेत्री शबाना आज़मी ने कहा कि आज के समय में जब धर्मनिरपेक्षता खतरे में हैं तो इस पुरस्कार की प्रासंगिकता बढ़ जाती है.

आजमी ने बताया, ‘मैं बहुत खुश हूं. मैं जानती हूं कि रिचर्ड डॉकिंस जावेद के लिए एक प्रेरणस्त्रोत नायक की तरह रहे हैं. यह पुरस्कार अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के समय में जब सभी धर्मों के धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा धर्मनिरपेक्षता पर हमला किया जा रहा है तो यह पुरस्कार धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए जावेद के प्रयासों को प्रमाणित कर रहा है.’

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यह पुरस्कार विश्व प्रसिद्ध अंग्रेजी विकासवादी जीवविज्ञानी रिचर्ड डॉकिंस के नाम पर दिया जाता है.

बालीवुड अभिनेता अनिल कपूर और अभिनेत्री दिया मिर्जा ने ट्वीट कर जावेद अख्तर को इस पुरस्कार के लिए बधाई दी.

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