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Saturday, 28 March, 2026
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भाजपा के लिए प्रयोगशाला है जम्मू कश्मीर, पूरे देश में कश्मीर जैसा हाल होने का खतरा: महबूबा मुफ्ती

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(फोटो के साथ)

पटना, 24 जून (भाषा) पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए जम्मू-कश्मीर एक ‘‘प्रयोगशाला’’ है।

विपक्षी दलों की बैठक के एक दिन बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में महबूबा ने कहा कि उन्हें डर है कि यदि भाजपा सत्ता में लौटी, तो पूरे देश का कहीं ‘‘कश्मीरीकरण’’ न हो जाए।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेते हुए इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकीं महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘असल में, भारत की अवधारणा पर ही हमला किया गया है। यह उस वक्त बिल्कुल स्पष्ट हो गया, जब उसने (भाजपा सरकार) जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया तथा तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं को जेल में डाल दिया।’’

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर एक प्रयोगशाला है। आज हम केंद्रीय अध्यादेश के जरिए दिल्ली में जो कुछ होते देख रहे हैं, वह हमारे राज्य में बहुत पहले शुरू हो गया था। दुर्भाग्य से तब कुछ लोग ही इसे समझ पाए थे।’’

गुपकर घोषणापत्र गठबंधन की उपाध्यक्ष महबूबा ने कहा, ‘‘यदि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी भाजपा सत्ता में लौटती है तो वह संविधान को कुचल देगी और पूरे देश का ‘कश्मीरीकरण’ कर देगी।’’

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल नीत सरकार की शक्तियां सीमित करने वाले केंद्र के अध्यादेश का विरोध करने से कांग्रेस के ‘इनकार’ संबंधी आम आदमी पार्टी (आप) के आरोपों से उठे विवाद के बारे में महबूबा ने कहा, ‘‘यह कभी बैठक का मुख्य मुद्दा था ही नहीं। हम सभी का ध्यान भारत की अवधारणा तथा संविधान पर हमले के विषयों पर केंद्रित है। असल में राष्ट्रीय दल होने के नाते कांग्रेस का संवेदनशील मुद्दों पर उचित विचार-विमर्श के बाद अपनी राय सामने रखने का अपना तरीका है। किसी को इससे दिक्कत नहीं है।’’

यह याद दिलाए जाने पर कि जम्मू कश्मीर से राज्य एवं विशेष दर्जा वापस लेने से जुड़ा विधेयक जब लाया गया था तब आम आदमी पार्टी ने उसके पक्ष में वोट किया था, महबूबा ने कहा, ‘‘यह सच है कि भाजपा का विरोध करने वाले कई दलों को तब यह अहसास नहीं था कि जो हो रहा है, उसका परिणाम क्या होगा। लेकिन मैं मन में नाराजगी लेकर यहां नहीं आई हूं।’’

इस सवाल पर कि यदि विपक्षी दल एकसाथ मिलकर भाजपा को हराने में कामयाब हो जाते हैं तो क्या अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर कोई आम सहमति संभव है, महबूबा ने कहा, ‘‘लड़ाई संविधान को बचाने की है तथा अनुच्छेद 370 संविधान का हिस्सा है। जम्मू कश्मीर को जो विशेष दर्जा प्राप्त था, उसे वह संविधान से मिला था। यह चीन या पाकिस्तान द्वारा दी गई कोई बख्शीश नहीं थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह अहसास करना चाहिए कि मुस्लिम बहुल होने के बाद भी जम्मू कश्मीर गांधी, नेहरू और आंबेडकर पर भरोसा रखते हुए भारत का हिस्सा बनने पर राजी हुआ। राज्य की विधानसभा सबसे अधिक शक्तिशाली थी। उच्चतम न्यायालय ने बार-बार कहा है कि अनुच्छेद 370 तब तक निरस्त नहीं किया जा सकता जब तक कि जम्मू कश्मीर की संविधान सभा इसकी सिफारिश न करे। लेकिन भाजपा ने सबकुछ धराशायी कर दिया।’’

जम्मू कश्मीर में हिंसा के लंबे इतिहास के बारे में पूछे जाने पर महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘आप मणिपुर की बात क्यों नहीं करते जहां हाल में जातीय हिंसा में 200 लोगों ने जान गंवा दी है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या विपक्षी दलों की बैठक में विपक्ष के चेहरे को लेकर कोई बात हुई, महबूबा ने कहा, ‘‘इसकी जरूरत कहां है? इस बैठक में जिन दलों ने हिस्सा लिया, उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘यह जरूर महसूस किया जाना चाहिए कि विदेश यात्रा के दौरान गर्मजोशी से उनका जो भव्य स्वागत किया जाता है वह ‘सौम्य शक्ति’ के रूप में भारत का जो सम्मान है, इसके कारण ही होता है और उसके इस दर्जे का श्रेय संविधान को जाता है।’’

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा भारत में धार्मिक सहिष्णुता की स्थिति को लेकर चिंता प्रकट किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘जब खबरें दूर-दूर तक पहुंचती हैं, तो इन बातों पर लोगों का चर्चा करना स्वभाविक है।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘भारत के विश्व गुरु बनने की चर्चा है। फिलहाल तो हम महंगाई और बेरोजगारी में ही आगे चल रहे हैं।’’

महबूबा मुफ्ती ने विपक्षी दलों की बैठक बुलाने की पहल करने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा अच्छी रही और वह बोधगया, तख्त हरमंदिर पटना साहिब और नालंदा में कश्मीर के आखिरी मुस्लिम शासक यूसुफ शाह चक के मकबरे पर गईं।

पीडीपी प्रमुख ने शुक्रवार रात राजद प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात की थी।

भाषा राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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