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नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को एक बैठक में बीबीसी कार्यालयों में आयकर विभाग के सर्वेक्षण संबंधी मुद्दे को उठाने पर अपने ब्रिटिश समकक्ष जेम्स क्लेवरली से कहा कि भारत में सक्रिय सभी संस्थाओं को प्रासंगिक कानूनों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
जी-20 विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए भारत आए क्लेवरली ने जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक में यह मुद्दा उठाया। भारत सरकार के एक सूत्र ने बताया, ‘‘ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने जयशंकर के समक्ष बीबीसी के कर का मुद्दा उठाया। उन्हें दृढ़ता से कहा गया कि भारत में काम करने वाली सभी संस्थाओं को प्रासंगिक कानूनों और विनियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।’’
पिछले महीने, आयकर विभाग के अधिकारियों ने नयी दिल्ली और मुंबई में बीबीसी कार्यालयों में सर्वेक्षण किया। ब्रिटेन मुख्यालय वाले ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) द्वारा प्रधानमंत्री और 2002 के गुजरात दंगों पर दो-भाग के वृत्तचित्र ‘‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’’ प्रसारित करने के कुछ सप्ताह बाद आयकर विभाग ने सर्वेक्षण अभियान चलाया।
भारत ने वृत्तचित्र को दुष्प्रचार का हिस्सा बताकर खारिज कर दिया था। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने समाचार एजेंसी ‘रॉयटर्स’ से कहा, ‘‘उनके साथ मेरी जो बातचीत हुई, वह उनके साथ रखने के लिए सबसे ठीक है। मैंने इसे उठाया।’’
क्लेवरली ने कहा कि डॉ. जयशंकर के साथ इतने मजबूत और पेशेवराना संबंध होने का एक फायदा यह है कि वह इनमें से कुछ संवेदनशील मुद्दों को उठाने में सक्षम हो पाये। ब्रिटिश मंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से उन्होंने भी कुछ मुद्दे उठाये। उन्होंने संकेत दिया कि इनमें से वह (बीबीसी से जुड़ा मामला) भी शामिल था।
बीबीसी के खिलाफ सर्वेक्षण अभियान की विपक्षी दलों ने आलोचना की जिनका दावा था कि यह कार्रवाई विवादास्पद वृत्तचित्र के जारी होने से जुड़ी है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा था कि ‘‘कार्रवाई का समय किसी सरकार या बाहरी सत्ता द्वारा तय नहीं किया गया’’ और आयकर विभाग को अपना काम करने देना चाहिए।
आयकर सर्वेक्षण के कुछ दिनों बाद, आयकर अधिकारियों ने कहा कि बीबीसी समूह की विभिन्न इकाई द्वारा दिखाई गई आय और लाभ भारत में उनके संचालन के पैमाने के अनुरूप नहीं हैं और इसकी विदेशी संस्थाओं द्वारा भेजी गई कुछ रकम पर कर का भुगतान नहीं किया गया। ब्रिटिश सरकार ने बीबीसी और इसकी संपादकीय स्वतंत्रता का पुरजोर बचाव किया।
जयशंकर और क्लेवरली ने कई मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें कई क्षेत्रों में दो-तरफा जुड़ाव का विस्तार करने के तरीके भी शामिल हैं। हालांकि, यह ज्ञात नहीं है कि उन्होंने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की या नहीं।
जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और वैश्विक स्थिति के साथ-साथ जी-20 एजेंडे पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा, ‘‘सुबह की शुरुआत ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली के साथ द्विपक्षीय बैठक के साथ हुई। पिछली चर्चा के बाद से हमारे संबंधों में प्रगति की समीक्षा की। विशेष रूप से युवा पेशेवर योजना के प्रारंभ पर ध्यान दिया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्थिति के साथ-साथ जी-20 एजेंडे पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’
भाषा आशीष माधव
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