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Saturday, 18 April, 2026
होमदेशअच्छा होता चंद्रकांत पाटिल ने बाबरी-शिवसेना कार्यकर्ता संबंधी टिप्पणी नहीं की होती : शेलार

अच्छा होता चंद्रकांत पाटिल ने बाबरी-शिवसेना कार्यकर्ता संबंधी टिप्पणी नहीं की होती : शेलार

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मुंबई, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने बुधवार को कहा कि बेहतर होता यदि उनके पार्टी सहयोगी एवं महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस में शिवसेना कार्यकर्ताओं की भूमिका के बारे में टिप्पणी नहीं की होती।

पाटिल के इस बयान ने भारतीय जनता पार्टी को संकट में डाल दिया है कि 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के समय शिवसेना का एक भी कार्यकर्ता मौजूद नहीं था, क्योंकि वह महाराष्ट्र सरकार में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की सहयोगी है।

शेलार की यह प्रतिक्रिया नयी दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद आयी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाटिल ने ये टिप्पणी निजी तौर पर की। बेहतर होता कि उन्होंने ऐसी टिप्पणी नहीं की होती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ विभिन्न समुदायों और समूहों को एकसाथ लाने के लिए काम कर रहे हैं। बालासाहेब (शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे) की इसमें (राम जन्मभूमि आंदोलन) भूमिका मददगार थी। हमने उसका स्वागत किया है, इसका सम्मान किया है और इस आंदोलन में उनके (बाल ठाकरे के) विचारों का सम्मान किया है।’’

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री शेलार ने कहा, ‘‘मैं उद्धव जी (उद्धव ठाकरे) से पूछना चाहता हूं कि पूरे (बाबरी मस्जिद विध्वंस) अभियान में उनकी क्या भूमिका थी?’’

उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि बाबरी ढांचे का विध्वंस हिंदुओं की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया थी। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी ने न तो इसके लिए कोई श्रेय लिया और न ही अब ऐसा करने का प्रयास करती है।’’ उन्होंने कहा कि अयोध्या आंदोलन धार्मिक नेताओं ने शुरू किया था।

पाटिल की टिप्पणी के बाद, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मांग की थी कि मुख्यमंत्री शिंदे, जो खुद शिवसेना कार्यकर्ता हैं, या तो खुद पद छोड़ दें या पाटिल को इस्तीफा देने के लिए कहें।

भाषा अमित नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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