नयी दिल्ली, 18 नवंबर (भाषा) केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान में पिछले साल अगस्त में सत्ता बदलने के बाद दक्षिण एशिया में हालात बदले हैं और अल-कायदा तथा आईएसआईएस के बढ़ते प्रभाव से क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
आतकंवाद को वित्तपोषण के खिलाफ आयोजित तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में ‘आतंक के लिए कोई धन नहीं’ विषय पर एक सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि इन नये समीकरणों के कारण आतंकवाद के वित्तपोषण की समस्या और गंभीर हो गई है।
सोवियत संघ के विघटन और सोवियत सैनिकों के वापस जाने के बाद अफगानिस्तान में 1990 के दशक में तालिबान का प्रभाव बढ़ने का संदर्भ देते हुए शाह ने कहा, ‘‘तीन दशक पहले, पूरी दुनिया को इस तरह के एक सत्ता परिवर्तन के गंभीर परिणाम भुगतने पड़े और उसके परिणामस्वरूप 9/11 ( अमेरिका में 11 सितंबर 2001) का भयावह हमला हुआ था।’’
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में दक्षिण एशियाई क्षेत्र में पिछले साल हुआ बदलाव हम सभी के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, ‘‘अल-कायदा के साथ लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन दक्षिण एशिया में आतंकवाद फैलाना जारी रखे हुए हैं।’’
शाह ने कहा कि हमें आतंकवादियों के पनाहगाहों या उनके संसाधनों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनका वित्तपोषण और समर्थन करने वाले इस तरह के तत्वों के दोहरे चेहरे को भी बेनकाब करना होगा। इसलिए, यह आवश्यक है कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी देश और संगठन, इस क्षेत्र (दक्षिण एशिया) में चुनौतियों पर चुनिंदा तरीके से या आत्मसंतुष्टि का रूख नहीं अपनाएं।’’
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