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Friday, 10 April, 2026
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इंस्टाग्राम चैट एन्क्रिप्शन मामला : अदालत ने याचिकाकर्ता से पहले बोर्ड का दरवाजा खटखटाने को कहा

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इंदौर, 10 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम द्वारा ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग’ बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर याचिकाकर्ता से कहा है कि वह पहले भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड का दरवाजा खटखटाए।

‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ एक सुरक्षा तकनीक है जिसमें संदेश भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति (यहां तक कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मालिक कंपनी भी) ये संदेश नहीं पढ़ सकता।

स्थानीय वकील पार्थ शर्मा ने जनहित याचिका के जरिये इंस्टाग्राम की ओर से जारी एक सूचना को चुनौती दी है जिसमें उसने कहा है कि आठ मई के बाद उसकी ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग’ की सुविधा बंद हो जाएगी।

याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में दलील दी कि मेटा के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच की यह सूचना भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को मिले निजता के अधिकार का उल्लंघन करती है।

केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कहा कि यह मामला जनहित याचिका के दायरे में नहीं आता।

उन्होंने यह तर्क भी दिया कि याचिका डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के प्रावधानों के तहत गठित भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड के समक्ष गए बिना दायर की गई है।

न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने नौ अप्रैल को कहा, ‘केंद्र सरकार के वरिष्ठ वकील के इन तर्कों के मद्देनजर हम याचिकाकर्ता की अन्य दलीलों का उल्लेख किए बिना उसे निर्देश देते हैं कि वह सात दिन के भीतर बोर्ड का दरवाजा खटखटाए।’’

खंडपीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता द्वारा बोर्ड के सामने अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो बोर्ड उसे सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए कानूनी प्रावधानों के अनुसार 15 दिनों के भीतर एक तार्किक और स्पष्ट आदेश पारित करेगा।

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि बोर्ड का निर्णय याचिकाकर्ता द्वारा अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाए।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह मई की तारीख तय की और बोर्ड को पाबंद किया कि वह याचिकाकर्ता का अभ्यावेदन मिलने पर इस तारीख से पहले इस पर फैसला करे।

भाषा हर्ष

मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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