Monday, 27 June, 2022
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रेल कॉरिडोर के डिजाइन और निर्माण में स्वदेशी कंपनियां दौड़ में

इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 508 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है.ये टेंडर गुजरात के वापी से लेकर वडोदरा के बीच वाया डक्ट निर्माण के लिए जारी किया गया है.

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नई दिल्ली: अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के लिए रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है. इस बीच सरकार ने प्रोजेक्ट के करीब 237 किलोमीटर लंबी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर खोला हैं. इसमें सभी स्वदेशी कंपनियों ने हिस्सा लिया है.

इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 508 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है. ये टेंडर गुजरात के वापी से लेकर वडोदरा के बीच वाया डक्ट निर्माण के लिए जारी किया गया है.

नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की प्रवक्ता सुषमा गौर ने दिप्रिंट से कहा, ‘ये इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा टेंडर है. इसके तहत गुजरात के वापी और वडोदरा के बीच बुलेट ट्रेन अलाइनमेंट का 47 प्रतिशत क्षेत्र कवर होना है.

सुषमा आगे बताती हैं, ‘इस कॉरिडोर में वापी, बिलिमोर, सूरत और भरुच जैसे ​स्टेशनों का निर्माण भी किया जाएंगा. इसके रास्ते में 24 नदियां और 30 रोड क्रॉसिंग भी आएंगे. जिस दूरी के लिए टेंडर जारी किया गया है उसका पूरा हिस्सा गुजरात में पड़ता है, जिसके लिए 83% जमीन का अधिग्रहण हो चुका है.’


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उन्होंने कहा कि इस बिडिंग में तीन बिडर्स ने हिस्सा लिया है. जिसमें कुल सात इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां शामिल हैं. इनमें एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, इरकॉन इंटरनेशनल और जेएमसी प्रोजेक्ट्स इंडिया ने एक साथ मिलकर बोली लगाई है.वहीं, एनसीसी-टाटा प्रोजेक्ट-जे कुमार इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स ने एक साथ बोली लगाई है. लार्सन ऐंड टूब्रो ने अकेले ही बोली लगाई है.

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वहीं, NHSRCL ने दावा किया, इस प्रोजेक्ट से 90,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे.

गौरतलब है कि इंडिया ग्लोबल वीक कार्यक्रम में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया था कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की वित्तीय पहलू की समीक्षा की जा रही है. क्योंकि कोविड-19 महामारी के बाद ‘खर्च में किफायत’ बरतनी होगी.

उन्होंने कहा था कि रेलवे इन परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्ध है और हम इसके लिए योजनाओं और लागत को अंतिम रूप देने के स्तर पर हैं. गोयल ने यह भी कहा था कि कोविड-19 ने बुलेट ट्रेन के संबंध में हमारी महत्वाकांक्षाओं को थोड़ा सा प्रभावित किया है. प्रोजेक्ट को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे है.


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