scorecardresearch
Saturday, 31 January, 2026
होमदेशईरान संकट के बीच भारतीय नागरिकों की वतन वापसी. कई उड़ानें दिल्ली पहुंचीं

ईरान संकट के बीच भारतीय नागरिकों की वतन वापसी. कई उड़ानें दिल्ली पहुंचीं

हवाईअड्डे पर कुछ अभिभावकों ने ईरान से लौटे अपने बच्चों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया. एक पिता ने अपनी बेटी को सीने से लगा लिया. इस दौरान उसकी आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े.

Text Size:

नई दिल्ली: ईरान में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन को लेकर जारी व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच कई भारतीय नागरिक वाणिज्यिक उड़ानों के जरिये स्वदेश लौट आए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय नागरिकों को लेकर आने वाली कई वाणिज्यिक उड़ानें शुक्रवार रात दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरीं. हालांकि, फिलहाल यह ज्ञात नहीं है कि इन उड़ानों से कितने भारतीय स्वदेश लौटे हैं.

अली नकवी उन 12-13 यात्रियों के समूह में शामिल थे, जो एक वाणिज्यिक उड़ान से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचे. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें ईरान में कोई समस्या झेलनी पड़ी, नकवी ने कहा, “हमें किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा.”

नकवी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हम तेहरान से लौट आए हैं. पहले हम इराक में थे, फिर ईरान गए. वहां आठ दिन रुकने के बाद हम भारत लौट आए हैं.”

शिराज के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने कहा, “इंटरनेट काम नहीं कर रहा था. इसलिए, हमें ठीक से पता नहीं था कि देश में क्या हो रहा है.”

छात्रा ने बताया कि वह जिस शहर में रह रही थी, वहां हालात “ठीक” थे. उसने कहा, “हम भारत सरकार की ओर से किए गए इंतजाम के तहत नहीं, बल्कि खुद से एक वाणिज्यिक उड़ान के जरिये वापस आए हैं.”

शुक्रवार रात कई लोग ईरान से लौटे अपने रिश्तेदारों को लेने के लिए हवाईअड्डे पर पहुंचे.

वापस आए कई भारतीय चिंता से घिरे हुए दिख रहे थे. हालांकि, उन्होंने कहा कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ईरान में मौजूद अपने सभी नागरिकों को उपलब्ध संचार माध्यमों से ढांढस बंधा रहा है, यात्रा परामर्श से अवगत करा रहा है और वापसी की प्रक्रिया के बारे में बता रहा है.

ईरान से लौटी अपनी मां और चाची को लेने पहुंचे अब्बास काजमी ने कहा, “हम निश्चित तौर पर चिंतित थे, क्योंकि यह एक वैश्विक मुद्दा है और जब इंटरनेट सेवाएं बंद हो गईं, तो हम काफी परेशान हो गए.”

काजमी ने कहा, “लेकिन जैसे ही संचार व्यवस्था बहाल हुई, हमें एहसास हुआ कि स्थिति नियंत्रण में है. हमें तसल्ली मिली कि सब ठीक है. परामर्श जारी होते ही हमने दूतावास में पंजीकरण करा लिया और आगे के निर्देशों का इंतजार करने लगे. मेरी मां की उड़ान पहले से ही निर्धारित थी, इसलिए सब कुछ सुचारु रूप से हो गया और हम खुश हैं.”

हवाईअड्डे पर कुछ अभिभावकों ने ईरान से लौटे अपने बच्चों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया. एक पिता ने अपनी बेटी को सीने से लगा लिया. इस दौरान उसकी आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े.

तेहरान से लौटी एक छात्रा ने बताया, “काफी मुश्किल दौर था. सड़कों पर हालात तनावपूर्ण थे और इंटरनेट सेवा बंद होने की वजह से हमें लग रहा था कि हम दुनिया से कट गए हैं. अब भारत लौटकर और अपने परिजनों से मिलकर हमें बड़ी राहत मिली है तथा हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.”

ईरान से वापस आए एक अन्य छात्र शाजिद ने बताया कि स्थिति अनिश्चित थी और संचार माध्यम के ठप होने से डर का एहसास बढ़ गया था.

शाजिद ने कहा, “यात्रा की व्यवस्था के बारे में जानकारी मिलते ही राहत नसीब हुई. घर पहुंचकर अपने परिवार के सदस्यों से मिलना और उन्हें राहत की सांस लेते देखना वाकई बहुत सुखद था.”

ईरानी मुद्रा रियाल के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद तेहरान में पिछले साल दिसंबर में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जो धीरे-धीरे देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए. विरोध-प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के चलते ईरान में 2,500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबरें हैं.

यह खबर भाषा न्यूज़ एजेंसी से ऑटो-फीड द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.


यह भी पढ़ें: डेमोग्राफी के नाम पर J&K का मेडिकल कॉलेज बंद कराया गया. हिंदू भी हो सकते हैं अल्पसंख्यक


 

share & View comments