नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत का स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और हरित भविष्य की ओर वैश्विक बदलाव में देश को अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाना है।
‘क्लाइमेट, सर्कुलैरिटी और कम्युनिटी’ पर आयोजित ‘प्लैनेट सी3 समिट’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा एजेंडे का दायरा बहुत व्यापक है, इसमें लिथियम और दुर्लभ पृथ्वी आधारित स्थायी मैग्नेट जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, नवाचार को तेज करना और नयी नीतिगत पहलें शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सतत विकास की दिशा में बदलाव में भारत एक महत्वपूर्ण वैश्विक आवाज बनकर उभरा है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए मौजूदा पहलों को तेज गति से आगे बढ़ाना और समयबद्ध तरीके से नयी योजनाएं शुरू करना जरूरी है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘भारत वर्तमान में अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए घरेलू क्षमता को तेजी से विकसित करना आवश्यक है।’’
मंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की तकनीकी प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों के संदर्भ में, जिन्हें निरंतर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की इन जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा को एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भाषा गोला नेत्रपाल
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