नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने रविवार को वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई.
बयान में कहा गया कि मंत्रालय हालात पर करीबी नजर रखे हुए है.
बयान में कहा गया, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं. हम बदलती स्थिति पर करीबी निगरानी रखे हुए हैं.”
भारत ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की.
बयान के अनुसार, “भारत वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है. हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत के जरिए मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान करें.”
बयान में आगे कहा गया, “काराकास में भारत का दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा.”
शनिवार को विदेश मंत्रालय ने दक्षिण अमेरिकी देश में बिगड़ते हालात के बीच भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी.
मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद भारतीयों से भी अत्यधिक सावधानी बरतने, काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने और मदद के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर साझा करने को कहा.
MEA ने एक बयान में कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सख्त सलाह दी जाती है कि वे वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचें. जो भारतीय किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और काराकास स्थित भारतीय दूतावास से उसके ईमेल आईडी cons.caracas@mea.gov.in या आपातकालीन फोन नंबर +58-412-9584288 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) के जरिए संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है.”
यह यात्रा सलाह उस समय आई है जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को काराकास में खुफिया एजेंसियों और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ लिया गया और देश से बाहर ले जाया गया, जिससे तनाव और अनिश्चितता बढ़ गई है.
इससे पहले, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन के दौरान काराकास में पकड़े गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में कथित “ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म साजिशों” के आरोप लगाए गए हैं और वे मुकदमे का सामना करेंगे.
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