नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत 20 अप्रैल को समूह के स्वास्थ्य कार्यबल की गोवा में होने वाली बैठक के इतर देश पशु महामारी तैयारी (एपीपीआई) सहित अपनी दो पहलों को प्रदर्शित करेगा।
स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक के इतर इस कार्यक्रम का आयोजन एशियाई विकास बैंक और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर किया है और इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन हिस्सेदारी करेंगे।
मीडिया को संबोधित करते हुए पशु पालन और डेयरी विभाग के सचिव राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इतर कार्यक्रम में उनका विभाग दो पहलों-एएपीआई और विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ‘एनिमल हेल्थ सपोर्ट फॉर वन हेल्थ’ (एएचओएसएसओएच) को प्रदर्शित करेगा।
एपीपीआई का उद्देश्य ‘एक स्वास्थ्य मिशन’ के लिए अंतर मंत्रालय समन्वय स्थापित करना है। इसका उद्देश्य पशुओं में होने वाली बीमारी की बड़े पैमाने पर डिजिटल निगरानी, मानव टीकों के साथ-साथ पशुओं के टीके विकसित करने में तालमेल और मानव स्वास्थ्य की तरह ही पशु स्वास्थ्य आपात स्थिति में शीघ्र संस्थागत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
वहीं, 1,228 करोड़ रुपये की एएचएसएसओएच परियोजना को शुरुआत में पांच राज्यों असम, ओडिशा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लागू किया गया है और योजना पर आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत विश्व बैंक दे रहा है।
सचिव ने बताया कि एएचएसएसओएच का लक्ष्य 75 जिलों की प्रयोगशालाओं को मजबूत करना, दूर-दराज और उच्च खतरे वाले इलाकों में 100 सचल पशु चिकित्सा इकाई उपलब्ध कराना, 300 पशु औषधि केंद्र और अस्पतालों का उन्नयन करने के साथ-साथ 5,500 पशु चिकित्सकों और 9,000 निजी जांच करने वालों को प्रशिक्षित करना है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
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